हर फन में माहिर खाकी: उन्हें न निलंबन की परवाह और न जेल जाने का खौफ

jail
  • लाठी भांजने, अवैध वसूली से लेकर डकैती तक डालकर किया वर्दी को दागदार
  • गाजीपुर में भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय की मौत तो बानगी भर है

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। पुलिस महानिदेशक हों या फिर जिले के कप्तान। मातहतों के साथ करीब हर अपने-अपने जिलों की पुलिस लाइन में बैठक कर उन्हें तरह-तरह का पाठ पढ़ाते हुए उन्हें हिदायत देते हैं कि पुलिस में नौकरी मिली है तो उसका सही इस्तेमाल करें और महिलाओं, बच्चों, बूढ़ों व किसी भी शख्स पर जरूरत से ज्यादा न करें शक्ति प्रयोग। बीते सालों और हाल में हुई कुछ घटनाओं पर गौर करें तो अफसरों द्वारा दिए गए टीप्स इनके लिए मायने नहीं रखी और कहीं न कहीं वारदात कर पुलिस के आलाधिकारियों के इरादों पर पानी फेर दिया।

गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र में बीते नौ सितंबर 2025 को भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय के ऊपर पुलिस ने ऐसा बल प्रयोग किया कि 11 सितंबर 2025 को उनकी मौत हो गई। इस मामले में खुद की किरकिरी होते देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ईरज राजा ने आनन-फानन में स्टेशन अफसर सहित छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया, जबकि छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इससे बचाव से छुटकारा न मिलने पर एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया को नाराज परिजनों और उनके समर्थकों को शांत करने के लिए मैदान में उतरे और उन्हें भरोसा दिलाया। यह तो पुलिस की लाठीचार्ज में घायल हुए भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय की मौत का मामला है, इससे पहले भी यूपी पुलिस में तैनात कुछ पुलिसकर्मी वर्दी पर दाग लगा चुके हैं।

दस मई 2019- गोसाईगंज क्षेत्र स्थित ओमेक्स रेजीडेंसी में रहने वाले कोयला व्यापारी अंकित अग्रहरि के यहां पुलिस वालों ने चेकिंग के नाम पर दिनदहाड़े डकैती डाली और मौके से तीन करोड़ 80 लाख रुपए ले उड़े। दागी पुलिसकर्मियों के करतूत के बारे में पुलिस अफसरों को जानकारी हुई तो आनन-फानन में पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दो दरोगा, सिपाही समेत चार पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया। अब चलें 25 जुलाई 2024 की ओर। बिहार की सीमा पर जनपद बलिया का भरौली तिराहा। बुधवार रात डेढ़ बजे का समय। रोज की तरह ट्रकों की लाइनें और पुलिसकर्मी व दलाल वसूली में मस्त। इसी बीच एक ट्रक से जींस व टी-शर्ट में दो लोग उतरते हैं। पुलिसकर्मियों और दलालों से अपना ट्रक निकालने के लिए भाव-ताव करते हैं। अचानक ही पुलिसकर्मियों और दलालों को अहसास होता है कि उन्हें बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने ही घेर रखा है।

पता चलता है कि जींस-टी शर्ट में पहुंचे लोगों में एक एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया हैं और दूसरे डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण। दोनों ही अफ़सर बक्सर से एक ट्रक से वहां पहुंच थे। भगदड़ मचती है, लेकिन दो पुलिसकर्मी और 16 दलाल धर लिए जाते हैं। इस मामले की हवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची तो बड़े अफसरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बलिया के तत्कालीन एसपी देव रंजन वर्मा व एएसपी दुर्गा तिवारी को पद से हटाकर उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया गया था, जबकि सीओ रहे शुभ सुचित को निलंबित कर दिया था। यह तो महज बानगी भर है इससे पहले भी कई पुलिसकर्मी खाकी वर्दी के दामन पर दाग़ लगा चुके हैं।

Kanpur Bus Fell In Canal
Uttar Pradesh

कानपुर हादसा : नहर में गिरी बस ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल

Kanpur Bus Fell In Canal  : कान पुर के बिधनू थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रामगंगा नहर में जा गिरी। यह बस ट्राइडेंट कंपनी के कर्मचारियों को लेकर कुढ़नी से रनियां की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में कुल 19 लोग सवार […]

Read More
आलोक मौर्या
Politics Uttar Pradesh

क्या राजनीति में कदम रखेंगे आलोक मौर्या? प्रयागराज की मुलाकात ने उठाए सवाल

प्रयागराज में मंगलवार, पांच मई को एक दिलचस्प राजनीतिक गतिविधि देखने को मिली जब यूपी की PCS अधिकारी ज्योति मौर्या के पति आलोक मौर्या अपने समर्थकों के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से मिलने पहुंचे। यह मुलाकात पुलिस लाइन में उस समय हुई जब डिप्टी सीएम का हेलिकॉप्टर वहां उतरा था। आलोक मौर्या पहले […]

Read More
Uttar Pradesh

बंगाल चुनाव परिणाम के बाद अखिलेश यादव का बड़ा फैसला, I-PAC के साथ रणनीतिक साझेदारी खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां एक तरफ INDI गठबंधन को बड़ा झटका लगा, वहीं इसका असर अब अन्य राजनीतिक दलों पर भी देखने को मिल रहा है। खासकर समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक अहम और रणनीतिक […]

Read More