
Siddharthnagar बढ़नी में दशहरे की मारपीट, क्या चेयरमैन चुनाव से जुड़ा है विवाद?
विजय श्रीवास्तव
लखनऊ/बढनी । दशहरे की मंगलवार शाम सिद्धार्थनगर जनपद के बढनी कस्वे के मालगोदाम तिराहे पर सैकड़ों पुलिस व अधिकारियों की मौजूदगी को धत्ता बता मौजूदा व भविष्य के चेयरमैन पद के दो दावेदारों व उनके समर्थकों के बीच जो मारपीट हुई वह नेपाल सीमा के बढनी व कृष्णा नगर क्षेत्र को नजदीक से जानने वाले कई सीनियर सिटीजनो ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा इतिहास गवाह है बढनी मे अक्सर दागदार लोग ही जो अपराध (कई प्रकार) मटर आदि की तस्करी आदि मे गोल सिंडीकेट बनाकर लिप्त रहे आये दिन पुलिस व एसएसबी से टकराहट होकर,नामी व चर्चा मे आकर आगे चेयर मैन बने ? इसी फेहरिस्त में नेपाल मे मंत्री रहे व भारत के भगोडे वांटेड अपराधी जो भारत से चोरी हुये गाड़ियों के चोरों के शरणदाता रहे जिनकी हत्या काठमांडू में हो गयी थी के बढनी निवासी शागिर्द साथी जो नेपाली व अपराधी मंत्री की चिट्ठी पत्री निमंत्रण पत्र पत्रकारों मे बाटने पूरे टा्ंसराप्ती क्षेत्र मे अतीत मे बाटते रहे वह भी बाद मे नामी होकर बढनी के चेयरमैन बने ?
मंच से नीचे गिरते मौजूदा चेयरमैन,लाठी चार्ज कर माहौल शांत करती पुलिस
बढनी निवासी नेपाल के कृष्णानगर मे कपडे व्यापारी से व बढनी के एक बडे घर के उभरते नौजवान से चेयरमैन बनने की पृष्ठभूमि मे ही नामी हम कि नामी तुम का पहचान बनाने की कडी मे बढनी कष्णानगर बम व हथगोलों से सडके पट जाया करती थी इसी क्रम मे बढनी के एक वकील साहब भी वेमतलब एक के ऊपर बम फेंकवाने के आरोप के चपेटे मे आकर रातभर थाने पर बैठाये गये थे शुबह जनपद के अधिवक्ताओं के एसपी डीयम के घेराव के बाद उन्हें थाने से छोडा गया था । जिसमे इन तीनों में से दो लोग अतीत मे चेयरमैन बने वकील साहब भी किस्मत अजमाये व उनके सहयोग व प्रचार मे तब के गोरखपुर के सांसद व आज के मा० मुख्यमंत्री योगी जी बढनी प्रचार में आये थे पर दुर्भाग्य से वकील साहब मात्र 80मत से चुनाव हार गये थे ? उसी जनसभा से योगीजी ने आज के चेयरमैन को उस चुनाव से हट कर अधिवक्ता का समर्थन करने की सलाह दी थी । पर आज के चेयरमैन ने हटने से इन्कार कर चुनाव लडा था। उक्त दशहरा की मारपीट की घटना के बाद कई जानकारों का कहना है अब नई पीढी भी कहीं इतिहास के अपने बुजुर्गों को आदर्श मानकर चुनाव की तैयारियां उसी पैटर्न पर तो नही ?
वहीं कई जानकारों का यह भी मानना है उक्त घटना किसी पुराने खिलाड़ी जिसका अभी खेल व पद से मन न भरा हो की शतरंजी विशात तो नही है जो पर्दे के पीछे से ही खेल का रिमोट कंट्रोल कर रहा हो ? बहर हाल उक्त घटना प्रशासन व उनके खुफिया विभाग की उदासीनता का कुछ अंश मानने से इंकार भी नही किया जा सकता। जो पहले से शान्ति बनाए रखने के पारंपरिक उपाय भी नही कर सकी ? खैर जो भी है प्रशासन के निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ पायेगी जिसका बढनी वासियों को बेसब्री से इंतजार है । लोग बताते हैं 2004मे बढनी दशहरा मे इसी प्रकार का खेल खेल मे साम्प्रदायिक माहौल खराब हो दंगा होने के कगार पर बढनी कृष्णा नगर आ गया था सारी दुर्गा प्रतिमाएं सडकों पर हफ़्तों खडी थी आईजी जोन गोरखपुर रामेश्वर दयाल जी, सिद्धार्थनगर डीएम वेंकटेश्वरलू साहब व पुलिस कप्तान असीम अरूण जी के कडाई व डाक-बंगले मे बढनी निवासियों के साथ मीटिंग व दूसरे स्टेशन रोड पर सडक का श्रमदान से मामला शांत होकर प्रतिमा विसर्जन हो पायी थी ।
जिसमे दंगा नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य के लिए आईजी के संतुति सेउ0प्रदेश अपराध निरोधक समित के बढनी के दर्जनों वरिष्ठ लोगों को जिले पर तत्कालीन पुलिस प्रमुख आ0 रमिति शर्मा जी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था ।
बढनी के बुद्धिजीवियों ने कहा आज भी बढनी को ऐसे लोगों व संस्थाओं की जरूरत है ।
आज इन राशियों पर बरसेगी खुशियां, कुछ को रिश्तों में लग सकता है झटका!
योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव की तैयारी तेज, 30 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी
ऋतिक रोशन ने की आनंद कुमार के ‘सुपर इनफिनिटी’ की तारीफ
दशहरे पर ‘नई नवेली’ का धमाल, चार दिनों में दुनियाभर में कमाए ₹19.3 करोड़
भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास, सबसे बड़ा रन चेज किया

