उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू। नेपाल की राजनीति में उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी, पूर्व विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर सामने आई। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई गैरकानूनी संपत्ति अर्जन के मामले में चल रही जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसियों ने इस मामले में आगे बढ़ते हुए काठमांडू जिला अदालत से गिरफ्तारी की अनुमति हासिल कर ली है। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं पर आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों की जांच चल रही है। इसी क्रम में अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
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हालांकि, फिलहाल गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है, क्योंकि दोनों नेता इस समय देश से बाहर बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां उनकी लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं और उनके नेपाल लौटते ही कार्रवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में नेपाल की राजनीति पर गहरा पड़ सकता है और इससे जुड़े कई अहम खुलासे भी सामने आ सकते हैं।
