- IIM प्लेसमेंट में चौंकाने वाला ऑफर: 80 लाख CTC में 40 लाख ‘किडनैपिंग इंश्योरेंस’
देश के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थानों में शामिल भारतीय प्रबंधन संस्थान कलकत्ता IIM कोलकाता के प्लेसमेंट अक्सर हाई सैलरी पैकेज के लिए सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन इस बार एक ऐसा जॉब ऑफर सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, एक स्टूडेंट को 80 लाख रुपये सालाना (CTC) का पैकेज ऑफर किया गया, लेकिन इसमें एक चौंकाने वाली शर्त भी शामिल थी। इस पैकेज का आधा हिस्सा यानी 40 लाख रुपये तभी मिलेंगे, जब कर्मचारी का किडनैप हो जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कंटेंट क्रिएटर Kushal Lodha और एंटरप्रेन्योर Aman Dhattarwal के एक पॉडकास्ट में सामने आया। कुशल लोढ़ा ने बताया कि IIM कोलकाता में एक अफ्रीकी कंपनी ने 80 लाख रुपये सालाना पैकेज का ऑफर दिया था।
- 40 लाख रुपये फिक्स्ड सैलरी
- 40 लाख रुपये ‘किडनैपिंग इंश्योरेंस’
यानी बाकी 40 लाख रुपये कर्मचारी को तभी मिलेंगे, जब उसका अपहरण होगा और कंपनी फिरौती के तौर पर यह रकम देगी। कुशल लोढ़ा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि CTC और इन-हैंड सैलरी के बीच का फर्क कई बार भ्रम पैदा करता है और इस तरह के ऑफर इसे और जटिल बना देते हैं।
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आखिर क्या होता है किडनैपिंग इंश्योरेंस?
किडनैपिंग इंश्योरेंस, जिसे Kidnap & Ransom (K&R) Insurance कहा जाता है, वास्तव में एक वैध और प्रचलित बीमा कवर है। यह खासतौर पर उन देशों या क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए होता है, जहां अपहरण का खतरा ज्यादा होता है, जैसे अफ्रीका या लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्से।
इस बीमा में आमतौर पर शामिल होते हैं,
- क्राइसिस नेगोशिएशन एक्सपर्ट्स की फीस
- मेडिकल और रिकवरी खर्च
- पोस्ट-इंसिडेंट सपोर्ट
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रकम कर्मचारी को सीधे नहीं मिलती, बल्कि आपात स्थिति में कंपनी द्वारा सुरक्षा और बचाव के लिए इस्तेमाल की जाती है।
क्यों दिया जाता है ऐसा ऑफर?
माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंसल्टिंग जैसी इंडस्ट्रीज में, जहां कर्मचारियों को हाई-रिस्क लोकेशन्स पर काम करना पड़ता है, वहां कंपनियां इस तरह का बीमा कवर देती हैं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, न कि इसे अतिरिक्त सैलरी के रूप में देना।
