शाश्वत तिवारी
मुंबई। विदेश मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर मुंबई और पुणे में पहले बिम्सटेक यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज प्रोग्राम का आयोजन किया, जिसमें बिम्सटेक देशों के 30 युवा इनोवेटर्स, डेवलपर्स और उद्यमियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना था। इस दौरान प्रतिभागियों ने कई प्रमुख संस्थानों का दौरा किया, जिनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी, भारत डायमंड बोर्स, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, इंफोसिस, सिम्बायोसिस आदि शामिल हैं। इससे प्रतिभागियों को उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत करने और भारत में इनोवेशन और आर्थिक विकास को गति देने वाले प्रमुख संस्थानों के कामकाज को समझने का अवसर मिला।
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विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा इस कार्यक्रम की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। यह बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के युवाओं के बीच जुड़ाव को मज़बूत करने की भारत की प्रतिबद्धता का एक हिस्सा था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, सहयोग को मज़बूत करना और भारत के तेजी से बढ़ते इनोवेशन, स्टार्ट-अप, ज्ञान, अनुसंधान और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से प्रतिभागियों को परिचित कराना था।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने राज्य के जीवंत ज्ञान, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए एक मंच के रूप में इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला।
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भारत अपनी नेबरहुड फर्स्ट यानी पड़ोसी प्रथम और एक्ट ईस्ट यानी पूर्व की ओर देखो जैसी नीतियों की भावना के अनुरूप, युवा पेशेवरों, उद्यमियों और इनोवेटर्स के लिए ऐसे मंच बनाने को महत्वपूर्ण मानता है, जहां वे आपस में बातचीत कर सकें, एक-दूसरे से सीख सकें और दीर्घकालिक साझेदारियां बना सकें। यह पहल क्षेत्रीय संबंधों को मज़बूत करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और बिम्सटेक क्षेत्र के उभरते नेताओं के बीच स्थायी नेटवर्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
