पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के विमानन क्षेत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार के नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण आज भारत से संचालित होने वाली करीब 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने की संभावना है। इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को देखते हुए एयरलाइन कंपनियों ने एहतियातन उड़ान संचालन में बदलाव किए हैं। इससे पहले शनिवार को भी 410 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई थीं। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को सीमित या अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर पड़ा है।
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नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) एयरलाइन कंपनियों के साथ मिलकर सुरक्षा और संचालन मानकों की लगातार समीक्षा कर रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख हवाई अड्डों पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है और संभावित रूट डायवर्जन को लेकर भी तैयारी की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR) लगातार यात्रियों की शिकायतों और समस्याओं पर नजर रख रहा है। ‘एयरसेवा’ पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का तेजी से समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
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इस बीच एयर इंडिया ने भी कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करने की पुष्टि की है। दिल्ली, मुंबई और अमृतसर से लंदन, न्यूयॉर्क, पेरिस, फ्रैंकफर्ट, शिकागो और टोरंटो जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान जारी रह सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।
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