बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव हाल ही में 2012 से जुड़े एक चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में रहे। इसी केस के सिलसिले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, हालांकि बाद में उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। यह पूरा विवाद उनकी फिल्म Ata Pata Laapata से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके निर्माण के लिए उन्होंने एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब अभिनेता के वकील ने खुलासा किया कि इस विवाद का संबंध एक फिल्मी इवेंट से भी जुड़ा है, जिसमें महानायक अमिताभ बच्चन की मौजूदगी थी। वकील के अनुसार, फिल्म के प्रमोशन और म्यूजिक लॉन्च के दौरान सब कुछ सामान्य था, लेकिन एक मंच साझा करने को लेकर पैदा हुए विवाद ने आगे चलकर कानूनी लड़ाई का रूप ले लिया।
बताया गया कि लोन देने वाले कारोबारी म्यूजिक लॉन्च कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन के साथ मंच साझा करना चाहते थे। हालांकि, अभिनेता की टीम ने इसे संभव नहीं माना, क्योंकि बच्चन बिना किसी शुल्क के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी के बाद कारोबारी ने पुराने समझौतों का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
सितंबर से दिसंबर 2012 के बीच कई समझौते और भुगतान की कोशिशें हुईं। राजपाल यादव की ओर से आंशिक भुगतान के लिए चेक भी दिए गए। बाद में दोनों पक्षों के बीच एक नया समझौता हुआ, जिसके तहत पुराने समझौते निरस्त कर दिए गए थे। लेकिन समय के साथ विवाद दोबारा उभर आया और मामला अदालत तक पहुंच गया।
2018 में निचली अदालत में चले मुकदमे में अभिनेता को दोषी ठहराया गया और उन पर जुर्माना भी लगाया गया। बाद में उच्च न्यायालय में अपील की गई, जहां उन्हें अंतरिम राहत मिली। वकील का कहना है कि कई पुराने दस्तावेज और चेक दोबारा पेश किए गए, जबकि वे पहले ही निरस्त हो चुके थे।
फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अंतिम फैसला अदालत द्वारा ही किया जाएगा। इस पूरे प्रकरण ने फिल्म इंडस्ट्री और कानूनी जगत में हलचल पैदा कर दी है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें एक बड़े फिल्मी नाम का अप्रत्यक्ष संदर्भ भी सामने आया।
