नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान माइक्रोसॉफ्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा की है। कंपनी के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंट Brad Smith ने कहा कि 2030 तक ग्लोबल साउथ के देशों में 50 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इस निवेश का बड़ा हिस्सा AI इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर खर्च होगा।
ब्रैड स्मिथ ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में AI का लाभ समान रूप से नहीं पहुंच पाया है। भारत, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे देशों में प्रतिभा और उपयोगकर्ता तो हैं, लेकिन पर्याप्त डिजिटल ढांचा और प्रशिक्षण की कमी है। माइक्रोसॉफ्ट इस अंतर को कम करने के लिए डेटा सेंटर, क्लाउड नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर AI ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करेगा।
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भारत को कंपनी ने AI ग्रोथ का अहम केंद्र बताया। यहां पहले से क्लाउड और डिजिटल सेवाओं में निवेश जारी है, जिसे अब और विस्तार दिया जाएगा। इससे स्टार्टअप इकोसिस्टम, शिक्षा संस्थानों और टेक प्रोफेशनल्स को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
AI का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक सेवाओं में किया जाएगा, जिससे आम लोगों के काम आसान होंगे। बेहतर डेटा विश्लेषण, स्मार्ट हेल्थकेयर समाधान और डिजिटल गवर्नेंस जैसी पहलें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को फायदा पहुंचा सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण पर सही ढंग से काम हुआ, तो भारत AI इनोवेशन में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
