उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता जारी की है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ 2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को ₹285 करोड़ की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3,500 परिवारों को ₹175 करोड़ की सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी आपदा की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचाई जाए। उनका दावा है कि अब मुआवजा प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया गया है, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों में कृषि भवनों और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की आधारशिला भी रखी गई। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को वैज्ञानिक खेती, मिट्टी की गुणवत्ता जांच और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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वर्ष 2025-26 के लिए राज्य आपदा मोचक निधि में ₹876 करोड़ का प्रावधान किया गया है। फसल क्षति से प्रभावित 5 लाख से अधिक किसानों को कृषि निवेश अनुदान के रूप में ₹260 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं। जनहानि और मकान क्षति के मामलों में भी करोड़ों रुपये की सहायता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पहले दुर्घटना बीमा योजना में केवल किसान को कवर किया जाता था, लेकिन अब परिवार के सदस्य, बटाईदार और सह-किसान भी योजना के दायरे में हैं। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करना और आपदा के समय उन्हें तत्काल सहारा देना है।
