‘शादी से पहले किसी पर भरोसा मत करो’-सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी क्यों बनी चर्चा का विषय?

supreme court pre marital physical relationship 1771257558

शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म के आरोप से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की, जिसने व्यापक बहस छेड़ दी है। अदालत ने कहा कि विवाह से पहले युवक और युवती एक-दूसरे के लिए कानूनी रूप से अजनबी होते हैं, इसलिए उन्हें शारीरिक संबंधों के मामले में सतर्क रहना चाहिए और बिना सोचे-समझे भरोसा नहीं करना चाहिए।

यह टिप्पणी जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ द्वारा आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। मामला उस आरोप से जुड़ा है जिसमें शिकायतकर्ता महिला ने कहा कि युवक ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए और बाद में मुकर गया।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि यह मामला पहली नजर में आपसी सहमति से बने संबंधों जैसा प्रतीत होता है। जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की कि विवाह से पहले किसी भी रिश्ते में सावधानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों बालिग हैं और संबंध सहमति से बने हैं, तो हर असफल रिश्ते को आपराधिक मुकदमे में बदल देना उचित नहीं हो सकता।

AI Impact Summit 2026 का दूसरा दिन-PM मोदी ने जनहित में तकनीक के उपयोग पर दिया जोर

हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हर मामला अपने तथ्यों पर निर्भर करता है। यदि शुरू से ही शादी का वादा झूठा था और उसका उद्देश्य धोखा देना था, तो वह आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आ सकता है।

समझें पूरा मामला

महिला का आरोप है कि युवक के कहने पर वह दुबई गई, जहां शादी का आश्वासन देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए गए। महिला ने यह भी दावा किया कि आरोपी ने उसकी जानकारी के बिना निजी वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी। बाद में महिला को पता चला कि युवक पहले से विवाहित था और जनवरी 2024 में पंजाब में दूसरी शादी भी कर चुका था।

इससे पहले निचली अदालत और Delhi High Court ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि शादी का वादा शुरुआत से ही झूठा था।

आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मध्यस्थता (मेडिएशन) के लिए भेजने का संकेत दिया है और आरोपी पक्ष से कहा कि यदि संभव हो तो समझौते की संभावना तलाशें। साथ ही महिला के वकील से भी इस विकल्प पर विचार करने को कहा गया है।

यह टिप्पणी कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का उद्देश्य युवाओं को सतर्क रहने की सलाह देना था, न कि पीड़ितों की शिकायतों को कमतर आंकना।

Spread the love

Kathmandu
homeslider International

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई भीषण तबाही, 12 की मौत, 50 से अधिक लापता

उमेश चन्द्र त्रिपाठी Kathmandu: नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इसकी वजह से अब तक 12 लोगों की मौत की खबर है। वहीं 50 से अधिक सुरक्षाकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। तिब्बत से नेपाल में प्रवेश करने वाली भोटे कोशी […]

Spread the love
Read More
Floods in Nepal
Bihar National

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, बिहार पर भी मंडरा रहा खतरा?

Floods in Nepal: नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से रसुवा जिले के टिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत आसपास के क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ गई। बाढ़ के तेज बहाव से सड़कें, पुल और कई अहम ढांचे प्रभावित हुए हैं। इस […]

Spread the love
Read More
Lucknow
homeslider Uttar Pradesh

योगी के महिला कार्ड का जवाब डिंपल का सालाना ₹40 हजार

Lucknow: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए अब राजनीतिक दलों के बीच योजनाओं और वादों की प्रतिस्पर्धा दिखाई देने लगी है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी ने महिलाओं को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। लखनऊ में आयोजित प्रेस […]

Spread the love
Read More