ऋषिकेश। उत्तराखंड को देश के अग्रणी साहसिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के सहयोग से शिवपुरी (ऋषिकेश) में स्थानीय युवाओं के लिए बेसिक रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया है। उत्तराखंड सरकार की कौशल विकास नीति एवं साहसिक पर्यटन संवर्धन की दृष्टि के अनुरूप आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के साथ उन्हें एडवेंचर पर्यटन क्षेत्र में पेशेवर अवसरों से जोड़ेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पर्वतारोहण एवं स्कीइंग संस्थान, औली के महानिरीक्षक/प्रधानाचार्य अखिलेश सिंह रावत ने आईटीबीपी अधिकारियों एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अधिकारी भी मौजूद रहे।
यह 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 09 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसमें राज्य के विभिन्न जनपदों से चयनित 17 स्थानीय युवाओं को आईटीबीपी के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा व्हाइट वाटर राफ्टिंग का तकनीकी, सुरक्षा आधारित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल युवाओं में साहसिक खेलों के प्रति पेशेवर दक्षता विकसित करने के साथ पर्यटन उद्योग से जोड़कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने अपने संदेश में कहा कि उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार और वैश्विक अवसरों का माध्यम बन रहा है।
आईटीबीपी जैसे प्रशिक्षित बल के सहयोग से स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य को सुरक्षित, प्रशिक्षित एवं पेशेवर एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद राज्य में सुरक्षित एवं व्यवस्थित साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आईटीबीपी सहित अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करती रहेगी। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे तथा उन्हें विभिन्न साहसिक पर्यटन गतिविधियों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
