केंद्रीय बजट के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे देश का “विजनरी बजट” करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी का हर फैसला “नेशन फर्स्ट” की भावना से प्रेरित रहा है और यह बजट भी उसी सोच को आगे बढ़ाता है।
“कर्तव्य भवन से आया पहला बजट”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन से बनकर सामने आया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा नागरिकों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद दिलाई है। 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित करने से लेकर मूल कर्तव्यों पर राष्ट्रीय विमर्श तक, पीएम मोदी का फोकस हमेशा जिम्मेदार नागरिकता पर रहा है। इस बजट में भी वही भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
किसान, युवा, महिला और गरीब पर फोकस
सीएम योगी ने कहा कि बजट में सुधार (Reform), विकास (Growth) और वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline) की झलक साफ नजर आती है। किसान, युवा, महिला और गरीब—चारों वर्गों को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए बजट में कई बड़े प्रावधान किए गए हैं, जिससे नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं।
एमएसएमई में यूपी की मजबूत स्थिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यूपी देश का सबसे बड़ा एमएसएमई हब है, जहां करीब 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं। यह आवंटन राज्य के लघु उद्योगों को मजबूती देगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
बजट में यूपी को दो नए हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर—दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलिगुड़ी—की सौगात मिली है। इसके अलावा, 20 वाटर-वे में से देश का पहला इनलैंड वाटर-वे (वाराणसी से हल्दिया) पहले ही यूपी में शुरू हो चुका है, जिससे व्यापार और परिवहन को नई गति मिलेगी।
