कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायबरेली में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सियासी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निडर होकर संघर्ष करने का आह्वान करते हुए कहा कि देश में डर और भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस इससे पीछे हटने वाली नहीं है। राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्म का सहारा लेकर असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिखावा है, जबकि हकीकत यह है कि गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकार लगातार छीने जा रहे हैं।
मनरेगा को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय पंचायतों को सशक्त किया गया था। उनका उद्देश्य था कि ग्रामीणों को न्यूनतम मजदूरी और रोजगार की गारंटी मिले। लेकिन मौजूदा सरकार ने उस सोच की जड़ पर प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को कमजोर कर गरीबों से उनकी सुरक्षा छीन रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता को अपने हाथों में समेटना चाहते हैं और फैसले चंद लोगों तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने दावा किया कि देश की आर्थिक नीतियां आम जनता के बजाय बड़े उद्योगपतियों के हित में बनाई जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की संपत्ति अडानी और अंबानी जैसे पूंजीपतियों को दी जा रही है, जबकि किसान और मजदूर भुखमरी की ओर धकेले जा रहे हैं। बैठक में युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने संकेत दिया कि कांग्रेस पंचायत चुनावों में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाएगी। पार्टी का मानना है कि युवा वर्ग जमीनी स्तर पर बदलाव ला सकता है और संगठन को मजबूती दे सकता है।
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने रायबरेली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायबरेली प्रीमियर लीग का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष से मुलाकात कर शहर की समस्याओं और विकास योजनाओं पर चर्चा की।
ऊंचाहार के उमरन गांव में आयोजित मनरेगा चौपाल में उमड़ी भारी भीड़ को कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। राहुल गांधी ने इस मंच से आरएसएस और भाजपा पर संविधान, अंबेडकर और गांधी जी की सोच को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विचारधारा के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस डर की राजनीति नहीं करती। उन्होंने मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पार्टी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
