इंडो-पैसिफिक में चुनौतियों का आकलन, यूक्रेन संघर्ष पर विचार

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शाश्वत तिवारी

पेरिस। भारत का यूरोप के साथ रिश्ता महज ब्रसेल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूरोपीय संघ (ईयू) के अलग अलग देशों के साथ भी निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में छोटे समूहों में वार्ता जरूरी हो जाती है। इसी क्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यहां वीमर प्रारूप की पहली बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें फ्रांस, पोलैंड और जर्मनी के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्य तौर पर भारत-यूरोपीय संघ संबंध, इंडो-पैसिफिक और यूक्रेन संकट पर चर्चा हुई। इस दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह नया फॉर्मेट भारत और यूरोप के बीच सहयोग को मजबूत करेगा तथा बदलती वैश्विक परिस्थितियों में नियमित संवाद को बढ़ावा देगा।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा पहली भारत-वीमर फॉर्मेट मीटिंग में भारत-ईयू संबंधों को मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक में चुनौतियों का आकलन करने और यूक्रेन संघर्ष पर विचारों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। खुली और स्पष्ट चर्चा में, भारत ने इन मुद्दों पर अपने विचार सीधे तौर पर रखे।


विदेश मंत्रालय के मुताबिक जयशंकर ने अपनी प्रेस टिप्पणी में कहा दुनिया इस समय बड़े बदलावों से गुजर रही है। यूरोप अपनी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा है, जिनमें से कई के रणनीतिक निहितार्थ हैं। लेकिन इसके अलावा कुछ ऐसे व्यापक घटनाक्रम भी हुए हैं, जो वैश्विक व्यवस्था को ही फिर से परिभाषित कर सकते हैं। हम दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद शायद इसी वजह से हमारे लिए नियमित रूप से विचारों का आदान-प्रदान करना और आकलन साझा करना बेहद उपयोगी है।’’

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डॉ. जयशंकर ने मौजूदा समय में यूरोपीय संघ और इसके सदस्य देशों के साथ भारत के संबंध और प्रगाढ़ होने की बात भी कही। बता दें कि विदेश मंत्री जयशंकर 4 से 9 जनवरी के बीच फ्रांस और लक्जमबर्ग के आधिकारिक दौरे पर हैं। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत में फ्रांस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी।
वीमर बैठक से पहले जयशंकर ने लक्जमबर्ग में उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री जेवियर बेट्टेल के साथ द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक स्थिति पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने विशेष रूप से वित्त, निवेश, डिजिटल, एआई, अंतरिक्ष एवं टैलेंट मोबिलिटी पर चर्चा की और साथ ही भारत-ईयू संबंधों को लगातार गहरा करने पर भी बात की।

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