उत्तर प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शनिवार और रविवार को राज्य में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश की पुलिसिंग का विस्तृत रोडमैप तैयार होगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों दिन शामिल रहेंगे और सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों से संवाद करेंगे। कॉन्फ्रेंस में सभी जोन के एडीजी, आईजी और डीआईजी भाग लेंगे। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से पुलिसिंग से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियां, ड्रग तस्करी, महिला सुरक्षा, सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके साथ ही बीट पुलिसिंग को और मजबूत करने, पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाने और ई-ऑफिस व सीसीटीएनएस जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म की समीक्षा भी की जाएगी। सरकार चाहती है कि तकनीक के जरिए अपराध नियंत्रण को और तेज व पारदर्शी बनाया जाए। आने वाले समय में पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कॉन्फ्रेंस बेहद अहम मानी जा रही है। चुनावी माहौल में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी पहले से ही पुलिस तंत्र को अलर्ट मोड में लाना चाहते हैं, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की जाएगी कि वे अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं और अपराध के नए ट्रेंड्स की जानकारी साझा करें। इससे प्रदेश स्तर पर एक समन्वित रणनीति तैयार की जा सकेगी।
