जब पाक महिला पत्रकार ने अटल से पूछा था सवाल, क्या आप मुझसे शादी करेंगे

  • वाजपेयी ने दहेज में मांग लिया था पूरा पाकिस्तान

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

लखनऊ। देश आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मना रहा है। उनकी लोकप्रियता भारत के साथ-साथ दुनिया के बाकी देशों में थी। यहां तक की पाकिस्तान में भी उनको पसंद करने वाले थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल जी को याद करते हुए लखनऊ में एक रोचक किस्सा सुनाया था। प्रधानमंत्री रहते हुए अटल  के पाकिस्तान दौरे का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उनका व्यक्तित्व इतना विराट था कि उनकी कार्यशैली और निर्णयों की पूरी दुनिया कायल थी। उन्होंने पाकिस्तान दौरे के दौरान अटल  के चर्चित जवाब को याद करते हुए कहा, “एक महिला पत्रकार ने जब उनसे कहा कि मैं आपसे शादी करना चाहती हूं। लेकिन आप मुझे मुंह दिखाई में कश्मीर दें। इसपर अटल ने मुस्कुराते हुए त्वरित प्रतिक्रिया दी थी। तब अटल  ने उस महिला पत्रकार से कहा था, ‘मैं आपसे शादी करने को तैयार हूं, अगर आप दहेज में मुझे पूरा पाकिस्तान दें। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कद उनके पदों से परिभाषित नहीं किया जा सकता, बल्कि उनके कर्मों और व्यक्तित्व से परिभाषित किया जा सकता है।

वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित एकल कवि सम्मेलन में सिंह ने कहा कि कुछ लोग अपने पदों की वजह से सम्मान पाते हैं, जबकि कुछ लोग बिना किसी पद के अपने कार्य और चरित्र की वजह से सम्मान पाते हैं। उन्होंने कहा, “अटल बिहारी वाजपेयी ऐसी ही शख्सियत थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि वाजपेयी असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे जिनकी जयंती की पूर्व संध्या पर लोग उन्हें याद करने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। यद्यपि वाजपेयी  आज हमारे बीच नहीं हैं, उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए अब भी लोगों में भारी इच्छा है। उन्होंने कहा, “सार्वजनिक जीवन में अशांति के बीच वाजपेयी हमेशा जीवंत और विनम्र रहते। सभी के प्रिय नेता के तौर पर वाजपेयी ने लोगों के मन मस्तिष्क पर एक गहरी छाप छोड़ी है, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।”

वाजपेयी के छात्र जीवन को याद करते हुए सिंह ने कहा कि कक्षा 10 में पढ़ाई के दौरान वाजपेयी ने अपनी पहली लोकप्रिय कविता- “हिंदू तन मन, हिंदू जीवन, रग रग हिंदू मेरा परिचय” लिखी। उन्होंने कहा कि यद्यपि उस उम्र का विद्यार्थी काफी युवा होता है, उस समय के कई प्रख्यात विद्वानों और बुद्धिजीवियों ने यह कविता सुनकर कहा था कि इसका लेखक कोई साधारण व्यक्ति नहीं है और वह भारत का भविष्य लिखेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि 1942 में कालीचरण कॉलेज में लगे एक शिविर के दौरान वाजपेयी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख एम एस गोलवलकर की उपस्थिति में वह कविता पढ़ी थी और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा था। रक्षा मंत्री ने कहा कि वह वाजपेयी के यह शब्द कभी नहीं भूल सकते कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।

Central UP homeslider Purvanchal Raj Dharm UP Uttar Pradesh

पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों पर योगी सरकार सख्त, कहा-कहीं कमी नहीं

प्रदेश भर में आपूर्ति सामान्य, अतिरिक्त खरीद से बचने की अपील अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई नया लुक डेस्क लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरे प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति […]

Read More
Central UP homeslider Purvanchal Raj Dharm UP

लखनऊ में पेट्रोल को लेकर अफवाह से मचा हड़कंप, पंपों पर लगी लंबी कतारें

नया लुक डेस्क लखनऊ। राजधानी के इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर गुरुवार शाम अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पेट्रोल-डीजल की किल्लत की आशंका के चलते लोगों में पैनिक का माहौल देखने को मिला। वाहन चालक लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आए और जल्द से जल्द टंकी फुल कराने की होड़ लग […]

Read More
Purvanchal

तरयापार विद्यालय का वार्षिकोत्सव: संस्कृति, देशभक्ति और प्रतिभा का भव्य संगम

संतकबीरनगर/नाथनगर। कम्पोजिट विद्यालय तरयापार में बुधवार को वार्षिकोत्सव, अंकपत्र वितरण, सम्मान समारोह और स्कूल चलो अभियान का आयोजन भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, सभ्यता और देशभक्ति की अनूठी झलक देखने को मिली, जिसने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गणेश चंद्र चौहान और विशिष्ट […]

Read More