नया लुक ब्यूरो
देहरादून। अब सड़क पर गाय को आवारा छोड़ना आसान नही होगा, क्योंकि ऐसा करने वालों को जुर्माना देना पड़ेगा। मोथरोवाला स्थित पशुधन भवन सभागार में आयोग अध्यक्ष डॉ. पं. राजेंद्र अंथवाल की अध्यक्षता में गोसेवा आयोग की कार्यकारिणी की बैठक में गो संरक्षण, गो तस्करी पर नियंत्रण और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में पारित प्रस्तावों के अनुसार, तस्करी में पकड़े जाने पर अब 10 वर्ष का कठोर कारावास और 5 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा। आयोग ने कहा कि यह सख्त प्रावधान गोवंश के प्रति बढ़ती क्रूरता और लापरवाही को रोकने के लिए आवश्यक हैं।
डॉ. अंथवाल ने कहा कि शास्त्रों में गाय को माता का स्थान दिया गया है और जहां गाय पलती है, वहां समृद्धि रहती है। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी राज्य का लगभग 60 प्रतिशत गोवंश सड़कों पर बेसहारा घूम रहा है, जो बेहद दुखद स्थिति है। उन्होंने निर्देश दिए कि गो संरक्षण से जुड़े सभी प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन कराया जाए और राज्यभर में संचालित गो सदनों की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए।
आयोग ने निर्णय लिया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गौवंश का पंजीकरण, टैगिंग और फोटोग्राफी अनिवार्य की जाएगी। साथ ही पुलिस विभाग के स्तर पर एक पृथक “गौवंश संरक्षण स्वाइयड” का गठन किया जाएगा, जो राज्य की सीमाओं पर नियमित चेकिंग करेगा और गौ तस्करी पर निगरानी रखेगा।
