सहकारी चीनी मिलों में घोटालों के जिम्मेदार होंगे रिटायर अफसर!

Untitled 17 copy 14
  • सेवानिवृत अधिकारियों को सौंप दी गई चीनी मिलों की कमान
  • नियमों को दर किनार कर रिटायर अफसरों को सौंप दिए वित्तीय अधिकार
  • सहकारी चीनी मिल संघ और मिलों में रिटायर अफसरों और कर्मियों की बल्ले बल्ले

राकेश यादव

लखनऊ। शासन में बैठे चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के आला अफसरों ने उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ मुख्यालय सहित सहकारी चीनी मिलों का हाल बेहाल कर रखा है। चीनी मिलों से सेवानिवृत हुए मुख्य स्तर के अफसरों को चीनी मिलों के प्रधान प्रबंधक का प्रभार अपनी मनमर्जी के अनुसार बिना किसी भी नियमों का पालन करते हुए दे रखा है। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा सारे नियमों को ताक पर रखकर इन सेवानिवृत अधिकारियों को वित्तीय अधिकार तक दे दिए गए है। यह मामला चीनी मिलों के अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि नियमों को दर किनार कर दिए गए वित्तीय अधिकार में घोटाला या गोलमाल होने पर इसका जिम्मेदार कौन होगा। उधर इस सवाल पर विभाग की एसीएस गन्ना समेत अन्य आला अफसरों ने चुप्पी साध रखी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की मुखिया ने चीनी मिलों से सेवानिवृत हुए कई प्रभारी प्रधान प्रबंधकों को पिक एंड चूज (मनमाने तरीके से अपनी मनपसंद) सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सभी नियमों को दर किनार कर चीनी मिलों में प्रभारी प्रधान प्रबंधक बना रखा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण रामपुर जनपद की रुद्रबिलासपुर सहकारी चीनी मिल में मुख्य अभियंता/ प्रभारी प्रधान प्रबंधक के पद से सेवानिवृत हुए आरके जैन और बरेली जनपद की सेमीखेड़ा चीनी मिल से रिटायर हुए मुख्य लेखाकार/ प्रभारी प्रधान प्रबंधक किशन लाल को सेवानिवृत्त उपरांत गुपचुप तरीके से सभी नियमों को दर किनारे करते हुए इन्हीं चीनी मिलों पर पुनः प्रभारी प्रधान प्रबंधक के पद पर नियुक्ति दे दी गई है।

इन प्रभारी प्रधान प्रबंधकों को सेवानिवृत्त उपरांत किन नियमों के अंतर्गत नियुक्ति दी गई है। तथा किन नियमों के अन्तर्गत इन सेवानिवृत्त प्रभारी प्रधान प्रबंधक को वित्तीय अधिकार दे दिये गये यह विषय चीनी मिल संघ एवं सहकारी चीनी मिलों में चर्चा का विषय बना हुआ है परंतु इस विषय पर चीनी मिल संघ के कोई अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है क्योंकि मामला अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है और सूत्र बताते है कि उन्होंने ही गुपचुप तरीके से इन अधिकारियों को सेवानिवृत्त उपरांत चीनी मिलों में तैनाती के आदेश जारी किये हुये है।

ये भी पढ़े

चार बच्चों के बाप का पांच बच्चों की मां से अफेयर, पत्नी ने आपत्तिजनक हालत में पकड़ा

इसी प्रकार अन्य प्रकरण में उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ मुख्यालय में भी शासन में विशेष सचिव पद से सेवानिवृत हुए आरबी सिंह को सेवानिवृत्त उपरांत गुपचुप तरीके से चीनी मिल संघ मे लीगल का प्रभार सौंप रखा गया है। जबकि जानकारी के अनुसार  सिंह ने न तो एलएलबी की डिग्री हासिल कर रखी है और न ही इनके पास लीगल के कार्यों का कोई अनुभव प्राप्त है। चीनी मिल संघ मुख्यालय से करीब पांच साल पहले मुख्य लेखाकार पद से सेवानिवृत हुए सतेंद्र श्रीवास्तव से रिटायरमेंट के बाद भी संघ में मुख्य लेखाकार जैसा वित्तीय कार्य कराया जा रहा है।

सूत्र बताते है कि इस कड़ी में लीगल का कोई अनुभव नहीं रखने वाले संघ से ही सेल्स विभाग से सेवानिवृत्त एसपी दीक्षित को सेवानिवृत्त उपरांत लीगल का कार्य, सेवानिवृत्त उपरांत ही एमएन जोशी को संघ के प्रबंध निदेशक का निजी सचिव, राम सिंह को संयुक्त प्रबंध निदेशक का निजी सचिव, आरके गुप्ता एवं दीपक सिंह को रिटायरमेंट के बाद प्रभारी मुख्य रसायनज्ञ, सुदर्शन और मल्होत्रा जैसे कर्मचारियों को सेवानिवृत्त उपरांत क्रय जैसे महत्वपूर्ण विभाग के प्रभार सौंप रखे गए है। इसके अलावा सत्यदेव, राजेश और हीरा लाल पाल सहित कई बाबुओं को सेवानिवृत होने के बाद भी उन्हें संघ में कार्यो पर रखा गया है। अब सवाल उठता है कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवानिवृत होने के उपरांत किन नियमों के अंतर्गत इतने महत्वपूर्ण पदों पर रखा गया है इन सवालों का जवाब देने से विभाग की एसीएस गन्ना समेत अन्य अधिकारी बचते नजर आए। एसीएस गन्ना वीना कुमारी मीणा ने तो कई प्रयासों के बाद भी बात नहीं हो पाई।

ये भी पढ़े

वर्दी का घमंड देखना है तो सोनभद्र पुलिस को देखिए, घायल को ही दौड़ाकर पीटा

सेवानिवृत अधिकारियों कर्मियों को मिलों से संबंधित सामानों को खरीदने की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ और सहकारी चीनी मिलों से सेवानिवृत हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से नियम विरुद्ध और मनमाने तरीके से क्रय विभाग, लीगल, अकाउंट और प्रोडक्शन जैसे महत्वपूर्ण विभाग में काम पर रखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार कुछ सहकारी चीनी मिलों से सेवानिवृत्त के उपरांत भी क्रय जैसे महत्त्वपूर्ण विभाग पर जमे बैठे है। सेवानिवृत्त कर्मचारी जिनमें से बागपत सहकारी चीनी मिल में सत्यपाल शर्मा, मोरना चीनी मिल में ऋषिपाल, गजरौला मिल में अनिल शर्मा, पूरनपुर मिल में दीक्षित, नानपारा मिल में गंगासागर इसका जीता जागता उदाहरण है। इनसे क्रय विभाग का महत्वपूर्ण कार्य कराया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि गंगा सागर को तो नानपारा चीनी मिल से सेवानिवृत हुए 10 साल से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बाद भी वह चीनी मिल संघ एवं चीनी उद्योग के अधिकारियों की मेहरबानी से अभी तक भी सेवा में बने हुए हैं। यदि सहकारी चीनी मिल संघ सहित सभी 23 सहकारी चीनी मिलों में सेवानिवृत्त हुये अधिकारियों/ कर्मचारियों को सेवानिवृत्त उपरांत रखने की जांच करायी जाये तो आंकड़े और भी चौकाने वाले हो सकते है

Spread the love

homeslider International

ईरान में खामेनेई को अंतिम विदाई, तेहरान में उमड़ा जनसैलाब; भारत ने भी दी श्रद्धांजलि

Khamenei Funeral : ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत शनिवार को राजधानी तेहरान में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई। सरकारी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, अंतिम विदाई समारोह में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि भारत सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल […]

Spread the love
Read More
homeslider International

यूरोप में भीषण गर्मी के बीच ईरान का ऑफर, बोला- प्रतिबंध हटाइए, AC से देंगे राहत

Iran Sanctions : यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और हीटवेव के बीच ईरान ने पश्चिमी देशों के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। ईरान ने कहा है कि यदि उस पर लगाए गए आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध हटा दिए जाएं, तो वह यूरोपीय देशों को बड़े पैमाने पर एयर कंडीशनर (AC) और अन्य कूलिंग उपकरण निर्यात […]

Spread the love
Read More
Theft of Donation Money
homeslider Raj Dharm UP

राम मंदिर चढ़ावा मामला: अब कमीशनखोरी के आरोप

Theft of Donation Money कांग्रेसी दिग्गज दिग्विजय सिंह ने दान वापस मांगने की कही बात समाजवादी पार्टी भी चंदाचोरी को बना सकती है यूपी में चुनावी मुद्दा नया लुक ब्यूरो अयोध्या। राम। हे राम। सीताराम। मर्यादा पुरुषोत्तम राम। लेकिन अब राम भी विवादों में हैं। उनके नाम की मर्यादा अब धूमिल हो रहीं है। भारत […]

Spread the love
Read More