Important : अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून के पक्ष में लामबंद संत समाज ने की राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा

Untitled 16 copy 2

नई दिल्ली। अखिल भारतीय संत समिति व अखाड़ा परिषद ने आज दिल्ली में “धार्मिक स्वतंत्रता एवं धर्मांतरण” विषय पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इसमें देशभर का संत समाज ना सिर्फ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के पक्ष में पूरी तरह से लामबंद दिखा अपितु इस वारे में एक देशव्यापी अभियान की घोषणा भी कर दी। देश की राजधानी दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निर्मोही आणि अखाड़े के अध्यक्ष व अखाड़ा परिषद के महामंत्री पूज्य श्री महंत राजेंद्र दास जी महाराज व अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री पूज्य स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती  महाराज ने कहा कि भारत की महानता इसकी विविधता में निहित है। यहाँ हजारों वर्षों से विभिन्न मत – पंथ, परम्पराएं और संप्रदाय फल-फूल रहे हैं। इस विविधता का आधार धार्मिक स्वतंत्रता है। लेकिन, आज यह स्वतंत्रता धर्मांतरण के रूप में एक गंभीर संकट का सामना कर रही है।

ये भी पढ़े

75 साल के बुजुर्ग ने रचाई शादी, सुहागरात में क्या हुआ

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म का पालन और प्रचार करने की स्वतंत्रता है लेकिन, यह स्वतंत्रता लोक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है। प्रचार का अर्थ धर्मांतरण नहीं है, यह अनेक मामलों में माननीय न्यायपालिका निर्णय दे चुकी है। स्वतंत्रता के पश्चात देश में अनेक संतों और महा पुरुषों ने अवैध धर्मांतरण को रोकने हेतु केंद्रीय कानून की मांग की। संविधान सभा में भी इस विषय पर चर्चा हुई किंतु, तत्कालीन सत्ताधारी दल का यह मानना था कि इस कानून को बनाने का अधिकार सिर्फ राज्य सरकारों को है। इसीलिए, भारत के कई राज्यों – मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान आदि ने धर्म स्वतंत्रता अधिनियम बनाए। इन कानूनों का उद्देश्य आस्था का दमन करना नहीं, बल्कि छल-कपट, बल प्रयोग और प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन को रोकना है।

ये भी पढ़े

…अब पति भी प्रेमिका के साथ रंगरेलिया मनाते हुए धराया, पत्नी ने उठाया यह कदम

अब अवैध धर्मांतरण करने वाली शक्तियों व उनके समर्थकों ने इन संविधान सम्मत कानूनों को संबंधित उच्च न्यायालयों में चुनौती दी है किन्तु दुर्भाग्य से माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इन सबको इकट्ठा कर एक साथ सुनवाई का आदेश दिया है। पूज्य संतों का मानना है कि राज्य सरकारों का विषय होने के कारण, उच्च न्यायालयों द्वारा निर्णय के पश्चात ही, इन मामलों में सर्वोच्च न्यायालय को विचार करना चाहिए। वैसे भी हर राज्य की परिस्थितियां अलग अलग हैं, वहाँ के कानूनों का स्वरूप और उनका विरोध करने के आधार भी अलग अलग हैं। इन सब को भला एक साथ कैसे सुना जा सकता है, ये बात किसी की भी समझ से परे है। वैसे भी मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति के संदर्भ में पूज्य स्वामी दयानंद सरस्वती जी की एक याचिका में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि ये राज्य सरकारों का विषय है इसलिए इन सब मामलों को सर्वोच्च न्यायालय मे एक साथ नहीं सुना जा सकता। धर्म स्वतंत्रता अधिनियम भी विविध राज्य सरकारों के ही विषय हैं तो इन सबको एक साथ कैसे सुना जा सकता है, यह समाज के मन में संदेह निर्माण करता है।

उन्होंने कहा कि राज्यों द्वारा पारित धर्म स्वतंत्रता अधिनियमों के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय ने उन राज्यों से भी राय मांगी है जहां ऐसा कोई कानून बना ही नहीं है और वहाँ के सत्ताधारी दल स्वयं धर्मांतरण के कुचक्र रचने वाली शक्तियों के साथ खड़े हैं। उन सब को भी एक साथ सुनना देश के चिंतकों के मन में शंका निर्माण करता है। इसी समय इन शक्तियों के साथ जुड़े कुछ कथित संविधानवेत्ता धर्मांतरण के संबंध में संविधान पीठ द्वारा स्थापित निर्णयों पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए दिखे। धर्मांतरण के पक्ष में अंतर्राष्ट्रीय षडयन्त्र पहले से ही सक्रिय हैं, जो अनेक बार उजागर हो चुके हैं। यह आशंका निर्मूल नहीं है कि हमारी न्यायपालिका भी कहीं इन षड्यंत्रों से प्रभावित तो नहीं हो रही! हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारी न्यायपालिका की प्रतिष्ठा सुरक्षित रहे।

ये भी पढ़े

ACS के करीबी होने के कारण संघ अधिकारियों ने मामले पर साधी चुप्पी

संतों ने यह भी कहा कि आज की परिस्थियों की भीषणता को देखते हुए आवश्यक है कि अवैध धर्मांतरण को रोकने वाले कानूनों को और अधिक मजबूत किया जाए ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव व स्वधर्म पालन की स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। हमारा न्यायपालिका से यह आग्रह है कि वह जिन राज्यों में ये कानून नहीं हैं वहाँ बनाने के लिए राज्य सरकारों को आदेश दे और जहां बने हुए हैं वहाँ उनको कठोरता से लागू करने में सहयोग दे। प्रेस वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन व अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता पूज्य श्रीमहंत गौरी शंकर दास जी महाराज भी उपस्थित थे।

Spread the love

Muharram
Delhi homeslider

मुहर्रम पर दिल्ली में ट्रैफिक अलर्ट, कई सड़कें रहेंगी बंद, घर से निकलने से पहले देखें रूट डायवर्जन

Muharram मुहर्रम के अवसर पर दिल्ली में शुक्रवार को ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। इसे देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन और यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने रूट की योजना […]

Spread the love
Read More
Delhi Crime News
Delhi

‘पापा, मेरी बच्ची को किसी के हवाले मत करना’, आखिरी वीडियो बनाकर महिला ने दी जान

Delhi Crime News :  दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक 26 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन मृतका के मोबाइल फोन से एक वीडियो बरामद हुआ है, जिसे उसने मौत से पहले रिकॉर्ड किया था। पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर […]

Spread the love
Read More
6a2fc3467447e dust storm 092717612 16x9
Delhi homeslider

दिल्ली-NCR में मौसम ने ली करवट, पालम में 92 KM/H की धूलभरी आंधी से मचा असर

Delhi Weather News : दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज धूलभरी आंधी और कई इलाकों में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही यातायात और जनजीवन पर असर भी डाला। मौसम विभाग के अनुसार पालम क्षेत्र में धूलभरी […]

Spread the love
Read More