यूपी ले रहा नया अवतार : लक्ष्मी हुईं सुरक्षित तो बढ़ने लगा अर्थ-व्यापार

  • योगी राज में बेटी और व्यापारी हुए सुरक्षित, तो दिखने लगा प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर
  • 2017 से पहले महिला श्रम भागीदारी दर सिर्फ 13.5%, आज बढ़कर 34.5%
  • औद्योगिक ऋण 3.54 लाख करोड़ से बढ़कर 9.24 लाख करोड़ पहुंचा
  • 2047 तक महिला भागीदारी दर पुरुषों के बराबर लाने का योगी सरकार का लक्ष्य
  • विनिर्माण निर्यात और एफडीआई में देश में नंबर-एक बनेगा यूपी
  • 2047 तक यूपी की जीडीपी छह ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य, देश की अर्थव्यवस्था में देगा 20% का योगदान

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बीते साढ़े आठ साल में किये गये लगातार प्रयासों के फलीभूत प्रदेश में आज बेटी और व्यापारी दोनों सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यही वजह है कि लक्ष्मी स्वरूप महिलाएं स्वयं को तेजी से सशक्त बना रही हैं, साथ ही प्रदेश में उद्योग-व्यापार का माहौल स्थापित होने लगा है। इसी सोच के साथ अब सीएम योगी ने “विकसित यूपी @2047” का विजन सामने रखा है, जिसमें आत्मनिर्भर नारी और बम्पर व्यापार को राज्य की प्रगति का मूल आधार माना गया है।

2017 से पहले की स्थिति

साल 2017 से पहले प्रदेश कई चुनौतियों से घिरा हुआ था। गुंडाराज, माफिया तंत्र और अपराध ने प्रदेश में सबसे ज्यादा परेशान महिलाओं और उद्यमियों तथा व्यापारियों को कर रखा था। बेटियां स्कूल-कॉलेज जाने से भी डरती थीं, तो वहीं व्यापारी या तो गुंडा टैक्स और रंगदारी देने के मजबूर थे या प्रदेश से पलायन करने को बाध्य। बेरोजगारी दर 6.2 प्रतिशत थी और लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर) मात्र 44.6 प्रतिशत रह गया था। सबसे बड़ी चिंता महिला श्रम भागीदारी दर की थी, जो सिर्फ 13.5 प्रतिशत पर अटकी हुई थी। निवेशक प्रदेश में आने से हिचकिचा रहे थे और कई फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी थीं। औद्योगिक गतिविधियां ठप पड़ने लगी थीं और रोजगार का संकट गहराता जा रहा था।

2017 से 2025 : बदलाव की नई इबारत

योगी सरकार ने बीते साढ़े आठ साल में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। अपराधी या तो जेल की सलाखों के पीछे नजर आने लगे या परलोक सिधार गये, बचे खुचे अपनी जान की परवाह करते हुए प्रदेश छोड़कर भाग खड़े हुए। इसके बाद महिला सुरक्षा के साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण के द्वार तो खुले ही निवेश के क्षेत्र में भी व्यापक तौर पर बुनियादी बदलाव दिखने शुरू हो गये। प्रदेश का एलएफपीआर 44.6 प्रतिशत से बढ़कर 56.9 प्रतिशत हो गया। महिला श्रम भागीदारी दर में भी ऐतिहासिक उछाल आया और यह 13.5 से बढ़कर सीधे 34.5 प्रतिशत तक पहुंच गई। बेरोजगारी दर घटकर तीन प्रतिशत पर आ गई और अकेले एमएसएमई सेक्टर से 1.65 करोड़ रोजगार सृजित हुए। औद्योगिक ऋण 3.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 9.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा। इसी दौरान 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर समझौते हुए, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर भी चुकी हैं।

उद्योग और व्यापार को मिली नई पहचान

योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नया जीवन मिला है। पंजीकृत फैक्ट्रियों की संख्या 14,169 से बढ़कर 27,295 तक हो गई हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत 77 उत्पादों को जीआई टैग मिला है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर पहुंच गया है। MSME इकाइयों की संख्या 96 लाख हो गई, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। यह न सिर्फ रोजगार सृजन का बड़ा जरिया बना, बल्कि वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश की पहचान भी मजबूत हुई है।

2047 का विजन : आत्मनिर्भर नारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि ‘विकसित यूपी @2047’ का सबसे अहम स्तंभ महिला सशक्तिकरण है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी दर 50 प्रतिशत हो और 2047 तक यह पुरुषों के बराबर पहुंचे। इसके लिए महिलाओं को ‘स्टेम’ (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स) शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। किशोरी कल्याण, पोषण व स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। महिला श्रमिकों के लिए 2030 और 2047 तक उनकी जरूरत के हिसाब से हर शहर में हॉस्टल की व्यवस्था की जाएगी।

2047 का विजन : बम्पर व्यापार और निवेश

सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक विनिर्माण निर्यात में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक बने और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के मामले में भी शीर्ष पर पहुंचे। प्रदेश की पांच औद्योगिक कंपनियों को फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में शामिल कराने का रोडमैप तैयार है। इसके लिए एयरोस्पेस, डिफेंस प्रोडक्शन, अपैरल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर को रणनीतिक स्तंभ बनाया गया है।

ग्रीन और टेक्नोलॉजी आधारित विकास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में भविष्य का उद्योग केवल रोजगार नहीं देगा, बल्कि सतत विकास का मॉडल भी बनेगा। इसी दिशा में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत ढांचा, टेक्नोलॉजी एडॉप्शन और एमएसएमई को ग्लोबल वैल्यू चेन में शामिल करने पर खास जोर दिया जा रहा है।

छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

‘विकसित यूपी @2047’ के तहत राज्य ने छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 2025 से 2047 तक औसतन 16 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखनी होगी। वर्तमान में प्रदेश की जीडीपी 353 बिलियन डॉलर है, जो 2030 तक 1000 बिलियन, 2036 तक 2000 बिलियन और 2047 तक 6000 बिलियन डॉलर तक पहुंचाई जाएगी। उस समय प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक होगी और यूपी देश की कुल जीडीपी में 20 प्रतिशत योगदान देगा।

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