ब्रिक्स बैठक में जयशंकर की दो टूक

नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार शाम को हुई ब्रिक्स देशों की वर्चुअल इमरजेंसी मीटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान जयशंकर ने कहा कि दुनिया की मौजूदा स्थिति वास्तविक चिंता का कारण बन गई है। विभिन्न वैश्विक चुनौतियों के सामने बहुपक्षीय प्रणाली विफल होती दिख रही है। वैश्विक व्यापार प्रणाली खुले, गैर-भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए और भारत का मानना है कि इसकी रक्षा की जानी चाहिए।
बिना नाम लिए अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ा संदेश देते हुए विदेश मंत्री ने कहा दुनिया को टिकाऊ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। बाधाएं बढ़ाने और लेन-देन को मुश्किल बनाने से कोई मदद नहीं मिलेगी। व्यापार को गैर व्यापारिक गतिविधियों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

व्यापार को हमेशा सुगम बनाना चाहिए। देशों को अपने आर्थिक सिस्टम को मजबूत बनाने और वैश्विक ट्रेड, निवेश और विकास में सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा सामूहिक रूप से विश्व व्यापार और निवेश के लिए एक स्थिर और पूर्वानुमानित वातावरण की तलाश कर रहा है। साथ ही, यह भी ज़रूरी है कि आर्थिक व्यवहार निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी के हित में हों। जब कई व्यवधान हों, तो हमारा उद्देश्य ऐसे झटकों से बचाव करना होना चाहिए। इसका अर्थ है अधिक लचीली, विश्वसनीय, अनावश्यक और छोटी आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाना। इतना ही नहीं, यह भी ज़रूरी है कि हम विनिर्माण और उत्पादन का लोकतंत्रीकरण करें और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में उनके विकास को प्रोत्साहित करें। इस संबंध में प्रगति क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता में योगदान देगी और अनिश्चितता के समय चिंताओं को कम करेगी।

डॉ. जयशंकर ने ग्लोबल साउथ के प्रति चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज विश्व चल रहे संघर्षों का तत्काल समाधान चाहता है। वैश्विक दक्षिण ने अपनी खाद्य, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा में गिरावट का अनुभव किया है। जहां नौवहन (शिपिंग) को निशाना बनाया जाता है, वहां न केवल व्यापार बल्कि आजीविका भी प्रभावित होती है। माना जा रहा है कि ट्रंप की टैर‍िफ पॉल‍िसी का तोड़ निकालने के ल‍िए ब्रिक्‍स देशों ने यह इमरजेंसी मीटिंग की, जिसमें विदेश मंत्री जयशंकर के साथ चीनी राष्‍ट्रपत‍ि शी ज‍िनपिंग, रूसी राष्‍ट्रपत‍ि व्‍लाद‍िमीर पुत‍िन और ब्राजील के राष्‍ट्रपत‍ि लूला ड‍िस‍िल्‍वा और अन्य शामिल हुए।

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