- सरकार को गिराकर शरई काननू लागू करने की रच रहे थे षड्यंत्र
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। भारत माता के टुकड़े करने की क्यों तैयारी है, देश के गद्दारों से कह दो धरती जान से प्यारी है यूपी एटीएस के हत्थे चढ़े अजमल अली और डॉ उसामा माज के करतूत शायर मंजर भोपाली द्वारा पढ़ी गई यह देशभक्ति गीत दोनों पर सटीक बैठ रही है। यहां रहकर दोनों आरोपी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त और सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने की साजिश रच रहे थे। अजमल अली अमरोहा जिले के नौ गवा थाना क्षेत्र स्थित देहरा गांव और डॉ उसामा माज दरगाह बदलापुर ठाणे महाराष्ट्र का रहने वाला है। शातिराना दिमाग वाले दोनों आरोपी मिलकर राष्ट्र और देश की सरकार गिराने और देश में इस्लामी कानून लागू करने की साजिश रच रहे थे।
एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक यूपी एटीएस को सूचना मिली थी कि रिवाइविंग इस्लाम ग्रुप नाम सोशल मीडिया प्लेट फार्म पर कई पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में थे। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए करीब चार सौ पाकिस्तानी लोगों व तीन एडमिन शामिल हैं। इसके जरिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इस ग्रुप से जुड़ा एक मोबाइल नंबर यूपी के अमरोहा जिले का पाया गया, जिसका इस्तेमाल अजमल अली कर रहा था। यूपी एटीएस ने अजमल को लखनऊ बुलाकर पूछताछ की।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी अजमल ने अपना जुर्म इक़बाल किया कि वह इस ग्रुप के अलावा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में था और गैर-मुस्लिमों के प्रति कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा था। अजमल ने यह भी खुलासा किया कि वह डॉ. उसामा माज शेख को अपना मेंटॉर मानता था, जो इंस्टाग्राम और सिग्नल ऐप के माध्यम से भारत विरोधी बातें करता था। डॉ. उसामा के साथ वह भारत की चुनी हुई सरकार को गिराने और शरिया कानून लागू करने की साजिश रच रहा था। इसके आधार पर बीते 1 अगस्त को एटीएस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। एटीएस दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।
