
New Delhi: देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में भी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए केरल सरकार ने कई पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं।
तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, केमोरिन क्षेत्र और उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु तथा केरल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से 22 से 26 अक्टूबर तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, केरल में 22 से 25 अक्टूबर और लक्षद्वीप में 22 से 24 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश में 22 अक्टूबर को भी बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में फिर से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अंडमान-निकोबार और ओडिशा में भी बदलेगा मौसम
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, 22 से 28 अक्टूबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।

24 से 26 अक्टूबर के दौरान यहां गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, 27 और 28 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी-तूफान की भी संभावना जताई गई है। लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
केरल में पर्यटन स्थलों पर पाबंदियां
भारी बारिश के खतरे को देखते हुए केरल सरकार ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कई पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मौसम विभाग ने 22 अक्टूबर को एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझीकोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान आने की आशंका है।

सरकार के निर्देशों के अनुसार, जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहां के साथ-साथ आसपास के उन इलाकों में भी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे, जहां भारी बारिश हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा देखते हुए बारिश कम होने तक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, चेतावनी वापस लिए जाने तक 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
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उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
दक्षिण भारत और पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है, जबकि उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों के दौरान मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। वहीं, 22 अक्टूबर को कोंकण और गोवा में गर्मी तथा उमस बनी रह सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बारिश प्रभावित राज्यों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। खासकर पहाड़ी इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
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