
सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक बरकरार,
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
New Delhi : राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को फिलहाल चुनौती नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत के इस रुख के बाद दोनों राज्यों में सरकारी स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर जारी प्रशासनिक निर्देश फिलहाल प्रभावी रहेंगे।
मामले की सुनवाई जस्टिस P.S. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने की। पीठ ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल इस याचिका पर सुनवाई करने के इच्छुक नहीं है। इसके चलते याचिकाकर्ता को इस स्तर पर कोई राहत नहीं मिली।
राजस्थान के आदेश को दी गई थी चुनौती
याचिका में राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 16 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर को चुनौती दी गई थी। इस निर्देश के तहत सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश से पहले संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य से अनुमति लेना जरूरी किया गया था।
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इसके अलावा स्कूल परिसर में फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग जैसी गतिविधियों के लिए भी पहले से लिखित अनुमति लेने का प्रावधान किया गया था। सरकार की ओर से ऐसे नियमों के पीछे स्कूलों की व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं निजता को प्राथमिकता देने की बात सामने आई थी।
यूपी के स्कूलों के लिए भी जारी हुए निर्देश
याचिका में उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 19 अगस्त को जारी आदेश का भी जिक्र किया गया था। इस आदेश में बाहरी लोगों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े व्यक्तियों को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना सरकारी स्कूलों में प्रवेश करने या फोटो-वीडियो बनाने से रोका गया था।
याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी इसी तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें आजमगढ़, बलिया, बस्ती, बलरामपुर, शामली और आगरा जैसे जिले शामिल बताए गए।
मौलिक अधिकारों का दिया गया हवाला
याचिका में इन प्रतिबंधों को संविधान में मिले मौलिक अधिकारों के खिलाफ बताया गया था। दलील दी गई कि अभिव्यक्ति और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के तहत सार्वजनिक संस्थानों से संबंधित सूचनाओं को सामने लाने का अधिकार भी शामिल है।
हालांकि, दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की निजता, गरिमा और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इसी संदर्भ में प्रशासन की अनुमति व्यवस्था को उचित ठहराया जा रहा है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत याचिका पर सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर जारी आदेश लागू रहेंगे।
वकीलों की पिटाई मामले में हाईकोर्ट जाने को कहा
इसी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग मामले में वकीलों के एक समूह को हाईकोर्ट का रुख करने की सलाह दी। यह मामला CBI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट से जुड़ा था।
वकीलों की ओर से CBI जांच की मांग की गई थी। अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने शीर्ष अदालत को बताया कि CBI कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा वकीलों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। मामले में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।
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