वैश्विक राजनीति और शेयर बाजार का गहरा संबंध होता है, और इसका ताजा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबर सामने आते ही निवेशकों की चिंता कम हुई और इसका सीधा असर शेयर बाजार में तेजी के रूप में दिखा। बाजार खुलते ही खरीदारी का ऐसा माहौल बना कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने बड़ी छलांग लगा दी। सेंसेक्स करीब 2,600 अंकों की बढ़त के साथ 77,000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 700 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 23,890 के स्तर को पार कर गया। यह तेजी केवल कुछ शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगभग पूरे बाजार में हरियाली देखने को मिली।
ये भी पढ़ें
धनघटा में अधिवक्ताओं का धरना, उप-निबंधक कार्यालय की मांग, 10 अप्रैल को DM घेराव की चेतावनी
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। सीजफायर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम लगभग 20% तक गिर गए हैं। भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, उसके लिए यह बड़ी राहत की खबर है। इससे महंगाई कम होने और कंपनियों के खर्च घटने की उम्मीद बढ़ी है। कुछ खास सेक्टरों को इस तेजी का सबसे ज्यादा फायदा मिला। एविएशन कंपनियां, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। वहीं तेल कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा।
ये भी पढ़ें
गर्मी में क्यों उड़ जाती है परफ्यूम की खुशबू? जानिए लंबे समय तक महक बनाए रखने के आसान उपाय
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में यह तेजी फिलहाल सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह पूरी तरह स्थायी नहीं हो सकती। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय बाजार की स्थिति को समझकर ही निवेश करें। सही रणनीति के साथ निवेश करने पर ही इस तेजी का फायदा उठाया जा सकता है।
