उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शुक्रवार को भदोही जनपद के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां का स्थलीय निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रदेश में संगठित माफियाओं का जाल फैला हुआ था, जबकि वर्तमान सरकार ‘जीरो टोलरेंस’ नीति के तहत काम कर रही है।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड, शिशु वार्ड और डॉक्टर चेंबर सहित विभिन्न इकाइयों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, उपकरणों की स्थिति और स्टाफ के व्यवहार को लेकर जानकारी ली। एक बुजुर्ग महिला से बातचीत करते हुए उन्होंने इलाज और दवा वितरण की प्रक्रिया के बारे में पूछा।
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उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या संतोषजनक है और ओपीडी व आईपीडी सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। हालांकि भवन के रखरखाव और परिसर की मरम्मत को लेकर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दौरे के क्रम में उपमुख्यमंत्री ग्राम चौगुना पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित भारत माता मंदिर का अनावरण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। कानपुर के चर्चित ‘लेंबोर्गिनी प्रकरण’ पर विपक्ष द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोपों को उन्होंने खारिज किया। उन्होंने कहा कि कोई भी अपराधी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में संगठित अपराध को संरक्षण मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, आपसी रंजिश की घटनाओं को अलग दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए, लेकिन संगठित अपराध के खिलाफ प्रदेश में अब कोई स्थान नहीं बचा है।
यूजीसी कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया और अन्य प्रशासनिक विषयों पर चर्चा करने लगे। इस पूरे दौरे ने एक ओर जहां स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा को प्रमुखता दी, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में रही।
