खूंखार अपराधी रवि काना की गलत रिहाई मामले में जेलर निलंबित

  • DG जेल ने मामले की जांच प्रयागराज परिक्षेत्र के DIG को सौंपी
  • बी वारंट पर तलब होने की जानकारी होने के बाद भी कर दी रिहाई

नया लुक संवाददाता

लखनऊ। बांदा जेल में निरुद्ध पश्चिम के खूंखार अपराधी रविंद सिंह उर्फ रवि काना की गलत रिहाई के मामले बांदा जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया। बांदा जेल प्रशासन के अधिकारियों ने गौतमबुद्धनगर के एक बाद में बी वारंट में तलब करने के बाद भी रवि काना को जेल से रिहा कर दिया गया। न्यायालय ने इस लापरवाही के लिए जेल अधीक्षक से 6 फरवरी तक स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है। उधर महानिदेशक कारागार ने इस मामले की जांच डीआईजी प्रयागराज जेल परिक्षेत्र को सौंपी है।

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उल्लेखनीय है कि गौतमबुद्ध नगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बांदा जेल अधीक्षक और डीजी जेल को भेजे गए पत्र में कहा कि विचाराधीन बंदी रविन्द्र सिंह उर्फ रवि नगर उर्फ रवि काना को प्रशासनिक आधार पर गौतमबुद्धनगर जेल से बांदा जेल भेजा गया था। गौतमबुद्धनगर से एक बाद का बी वारंट 28.01.26 को जेल को प्राप्त हुआ। इसके बाद उसे 29.0126 को शाम 18:39 को रिहा कर दिया। न्यायालय ने इस गलत रिहाई के लिए जेल अधीक्षक से 6 फरवरी तक आख्या देने और परिक्षेत्र DIG और डीजी जेल से लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।

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इस निर्देश के बाद हरकत में आए कारागार विभाग के मुखिया डीजी जेल पीसी मीणा ने इस मामले की जांच प्रयागराज जेल परिक्षेत्र के डीआईजी राजेश कुमार श्रीवास्तव को सौंपी है। उधर जेल अधीक्षक की प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए गए बांदा जेलर विक्रम सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही इनकी विभागीय कार्यवाही किए जाने की भी संस्तुति की गई है।उधर न्यायालय ने जेल अधीक्षक से तीन बिंदुओं पर आख्या पेश करने के साथ चेतावनी भी दी है कि क्यों न इस लापवाही के लिए आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।

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