- सोती रही गारद और फुर्र हो गए बंदी
- जिला जेल सुरक्षा पर सवाल: रतौंधी की बीमारी जैसे साबित हुए CCTV कैमरे
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। जेल की सुरक्षा को लेकर करोड़ों रुपए खर्च कर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, लेकिन बंदियों के आगे घुटने टेक दिए। कन्नौज और जिला जेल अयोध्या की चहारदीवारी फांदकर कैदी भाग निकले और रतौंधी भरे कैमरे ताकते रह गए। इससे यही लग रहा है कि जेल की सुरक्षा हवा-हवाई साबित हो रही है। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरे बीमार हो, नतीजतन इसी का फायदा उठाते हुए अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि और सुल्तानपुर निवासी शेर अली भरी सुरक्षा के बीच से भाग निकले। एक हत्या के प्रयास में तो दूसरा दुष्कर्म के मामले में सलाखों के पीछे बंद था। इस मामले में पुलिस के बड़े आलाधिकारियों ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा, जेलर जेके यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी के अलावा हेड वार्डर और तीन जेल वार्डरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि फौलाद जैसी चहारदीवारी और सैकड़ों की संख्या में तैनात पुलिस बल, इसके बाद भी सुरक्षित नहीं सलाखें।
ये भी पढ़े
सोना-चांदी में महा गिरावट से बाजार में हलचल, निवेशकों में मचा हड़कंप
यूपी की 74 जेलों में आधा दर्जन केन्द्रीय जेल हैं, जबकि अन्य जिला कारागार हैं। जिला कारागारों में जिस तरह से कैदी बंद हैं उससे कहीं ज्यादा जेल में सुरक्षा बल तैनात हैं। बताया जा रहा है कि जेल की दीवारें फौलाद जैसी हैं और यहां सुरक्षा के मद्देनजर कोने-कोने में भारी संख्या में पुलिस के जवान मुस्तैद रहते हैं। कहावत नहीं बल्कि हकीकत है कि परिंदा पर नहीं मार सकता तो आखिर भरी सुरक्षा के बीच बंदी कैसे भाग निकलते हैं, लेकिन कड़वा सच यह है कि इतनी गारद के बाद भी कन्नौज जिला जेल और अयोध्या जिला जेल से बंदी बेधड़क होकर भाग निकले।
ये भी पढ़े
Breaking News : सुनेत्रा पवार ने भरी आंखों से ली शपथ, महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM बनीं
हालांकि यह चूक कोई पहली नहीं है इससे पहले भी जिला जेलों से कई बंदी जेल सुरक्षा में सेंध लगाते हुए भाग चुके हैं। यही नहीं बागपत सहित कई जिला जेलों में बंदियों में खूनी खेल भी हो चुका है। जिला जेल में ही बंद माफिया मुन्ना बजरंगी जैसे लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। कन्नौज जिला जेल और अयोध्या जिला जेल से फरार हुए बंदियों के बाद एक बार फिर जिम्मेदार अफसरों की नींद टूटी और जेल में गश्त तेज करने का फरमान जारी किया। महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना ने अयोध्या की घटना को लेकर जेलों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा करते हुए सख्ती से जेलों की निगरानी के लिए निर्देश दिए हैं।
