लखनऊ। गोरखपुर पुलिस ने जिस शख्स को पकड़ा है, उसके कारनामे सुनकर किसी का भी दिमाग चकरा जाएगा। नाम है गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर। एमएससी (मैथ्स) पूरा करने के बाद यह शख्स पहले कोचिंग टीचर बना, फिर सिविल सर्विस की तैयारी की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने सीधे फर्जी IAS बनने का रास्ता चुना। सफेद इनोवा पर लाल-नीली बत्ती, गनर, बॉडीगार्ड और पूरा प्रोटोकॉल – सब कुछ था, बस असली IAS की कुर्सी नहीं थी। गौरव ने AI की मदद से फर्जी गजट नोटिफिकेशन, ट्रांसफर ऑर्डर और बैच तक तैयार कर लिए। बड़े-बड़े बिल्डरों और कारोबारियों को 400-450 करोड़ के टेंडर दिलाने के नाम पर 4-5 करोड़ रुपये तक की रिश्वत मांगता था। कई लोग उसके झांसे में आ गए। पुलिस के मुताबिक अब तक उसने कई करोड़ रुपये की ठगी की है।
सबसे हैरान करने वाली बात उसकी निजी जिंदगी की है। पुलिस को उसके फोन से पता चला कि उसके चार गर्लफ्रेंड हैं, जिनमें से तीन इस वक्त प्रेग्नेंट हैं। इनमें से किसी को भी नहीं पता था कि गौरव फर्जी IAS है और शादीशुदा भी है। अंडरग्राउंड रहते हुए उसने एक लड़की से प्रेम का नाटक किया और मंदिर में चुपचाप शादी रचा ली थी। उसकी साले अभिषेक की मदद से ठगी का धंधा और तेज चला। गौरव का आपराधिक सफर 2022 में सीतामढ़ी से शुरू हुआ था। वहां उसने ‘आदित्य सुपर 50 कोचिंग चलाई और एक छात्रा से नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये लिए। जब नौकरी नहीं दी तो पहली FIR दर्ज हुई। जमानत मिलते ही वह गायब हो गया। बिहार के भागलपुर में तो हद ही हो गई – वहां एक असली SDM से उसकी मुलाकात हुई। जब SDM ने बैच और रैंक पर सवाल किया तो गौरव ने उन्हें दो थप्पड़ जड़ दिए। हैरानी की बात यह कि SDM ने शिकायत तक नहीं की। अब बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पकड़े गए 99 लाख रुपये की जांच के दौरान गोरखपुर पुलिस की नजर उस पर पड़ी। सर्विलांस से पूरा नेटवर्क खुल गया। फिलहाल गौरव पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे होंगे। एक फर्जी IAS का यह खेल न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि यह भी बताता है कि ठगी का धंधा आज कितना हाई-टेक और खतरनाक हो चुका है।
