अमेरिकी नौसेना ने हाई एनर्जी लेजर हथियार का सफल परीक्षण कर सबको चौकाया

  • इस लेजर हथियार से उड़ते विमान को हवा में ही किया जा सकता है नष्ट

हॉन्गकॉन्ग। कोरोना महामारी में सर्वाधिक  बुरी तरह घिरे अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियों और अनुसंधानों पर रंचमात्र भी असर नहीं होने दिया है। अभी हाल में अमेरिकी नौसेना ने एक हाई-एनर्जी लेजर हथियार का सफलतापूर्वक परीक्षण कर दुनिया को हैरत में दाल दिया है। यह तकनीक तो युद्ध की दिशा ही बदल देगी। यह परीक्षण प्रशांत महासागर में एक जंगी जहाज पर किया गया। नौसेना की पैसिफिक फ्लीट ने कहा कि यह हथियार इतना ताकतवर है कि उड़े रहे एयरक्राफ्ट को हवा में ही नष्ट कर सकता है।

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नेवी ने इस परीक्षण के फोटो और वीडियो भी जारी किए हैं। इसमें दिख रहा है कि वॉरशिप के डेक से एक तेज लेजर बीम निकल रही है। वीडियो के मुताबिक, इस लेजर बीम के सामने आने वाला ड्रोन जलने लगता है। नौसेना का कहना है कि लेजर हथियार ड्रोन या हथियारों वाली छोटी नौकाओं के खिलाफ भी काम आ सकता है।

16 मई को प्रशांत महासागर में हुआ टेस्ट
नौसेना ने अभी यह नहीं बताया है कि लेजर हथियार का टेस्ट कहां किया गया है। उन्होंने सिर्फ यह बताया है कि यह 16 मई को प्रशांत महासागर में परीक्षण हुआ था। लेजर हथियार की पावर के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटजिक स्टडीज की 2018 की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हथियार की पावर 150 किलोवॉट हो सकती है। पोर्टलैंड के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन कैरी सैंडर्स ने कहा, ‘‘यूएवी और छोटे एयरक्राफ्ट पर इस टेस्ट को करके हमें इस लेजर हथियार के ताकत के बारे में बहुत महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। नई पावर के साथ हम समुद्र में युद्ध को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।’’

इस तरह काम करता है लेजर हथियार
सीएनएन से बात करते हुए लेजर वेपन सिस्टम ऑफिसर लेफ्टिनेंट केल ह्यूज ने लेजर हथियारों के बारे में बताया था। उन्होंने बताया कि ये हथियार किसी भी चीज पर भारी मात्रा में फोटॉन डालते हैं। इससे उस चीज में आग लग जाती है। लेजर हथियार पर हवा और रेंज का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। केवल टारगेट सेट करना पड़ता है और काम हो जाता है।