आज का हिन्दू पंचांग 

 डॉ. उमाशंकर मिश्र

दिन – रविवार
विक्रम संवत – 2077
शक संवत – 1942
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
 मास – अश्विन
पक्ष – शुक्ल
तिथि – द्वितीया Ratri 0 9: 0 3 तक तत्पश्चात तृतीया
नक्षत्र – स्वाती dopahar 12: 39 तक तत्पश्चात विशाखा
योग – प्रीति Ratri 10: 0 4 तक तत्पश्चात आयुष्मान्
राहुकाल – शाम 04: 30 से शाम 06: 0 0 तक
सूर्योदय – 06: 18
सूर्यास्त – 17: 42
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में

विशेष –

  • द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।
  • रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।
  • रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।
  • रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।
  • स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।

 दरिद्रता दूर करने के लिए विशेष मंत्र-

 ‘ नवरात्रियों में एक मंत्र जप करें ……..ये मंत्र वेद व्यास जी भगवान ने कहा है ….इससे श्रेष्ट अर्थ की प्राप्ति हो जाती है……दरिद्रता दूर हो जाती है । “ॐ श्रीं ह्रीं क्लिं ऐं कमल वसिन्ये स्वाहा”

 नवरात्रि के दिनों में जप करने का मंत्र-

नवरात्रि के दिनों में ‘ ॐ श्रीं ॐ ‘ का जप करें ।

 विद्यार्थी के लिए-

नवरात्रि के दिनों में खीर की २१ या ५१ आहुति गायत्री मंत्र बोलते हुए दें । इससे विद्यार्थी को बड़ा लाभ होगा।