हाथरस काँड के दोषियों को फांसी की सजा दी जाये

  • चोगडा बाजार मे नवयुवकों ने किया उग्र प्रदर्शन
  • वक्ताओं ने कहा – फास्ट ट्रैक कोर्ट मे हो सुनवाई, दी जाये फाँसी की सजा

जयराम अनुरागी

बलिया। जनपद के चोगडा बाजार मे दर्जनो गांव के सैकड़ों नवयुवकों ने हाथरस घटना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया । युवक सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे । सबके हाथो मे दफ्तिया थी , जिस पर हाथरस की घटना को लेकर विभिन्न तरह के नारे लिखे गये थे , जो बर्बस ही लोगों के ध्यान आकर्षित कर रहे थे।

पूरा बाजार भ्रमण के बाद चोगडा चौराहे पर एक नुक्कड़ सभा के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के हाथरस में 14 सितंबर को वहशी मानसिकता के चार व्यक्तियों द्वारा कुमारी मनीषा बाल्मीकि के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। जीव काट दी गई । गर्दन मरोड़ कर रीड की हड्डी तोड़ दी गई। जिसकी इलाज के दौरान 29 सितंबर को मौत हो गयीं । पुलिस द्वारा इस घटना को शुरू से ही गंभीरता से नहीं लिया गया था।

पीड़िता लगातार जिंदगी से जंग लड़ती रही लेकिन अंत में उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने निर्भया कांड को भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पूरे समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है । बहन बेटियों की सुरक्षा के लिए बनाये गये कानून का कोई फायदा नहीं हो रहा है । बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा फेल हो चुका है।

आज भी अत्याचार हो रहे हैं। संपूर्ण पूरे देश मे सम्पूर्ण सभ्य समाज हाथरस की घटना की निंदा कर रहा है , लेकिन केवल निंदा करना ही पर्याप्त नहीं होगा । इसके लिए कोई ठोस पहल करनी होगी , ताकि जिससे कोई भी व्यक्ति ऐसा जुल्म करने की जरूरत ना कर सके।

हाथरस की घटना ने जुल्म की सारी हदों को पार कर दिया है और सारी मानवता को तार-तार कर दिया है। इसलिए ये समय की माँग है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट मे सुनवाई करते हुए तत्काल सभी आरोपियों को फाँसी की सजा दी जाये , ताकि आगे चलकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

इस अवसर पर राम अवध यादव ,महाजन पंकज गुप्ता संदीप यादव शास्त्री ,संजय यादव पूर्व प्रमुख ,धनंजय मौर्या राजेश सिंह यादव ,बाबूलाल गुप्ता,मन्नू राम ,रविन्द्र भारती अंकुर पाण्डेय ,नितेश चौधरी, साहिल सिंघानिया ,सरोज ,सुनील बेदी ,अनूप सिंह ,प्रशान्त यादव ,शिव जी मौर्या, शशि, आशुतोष महाजन, सूरज, दिनेश राजभर,पवन यादव , अमित यादव , भोला चौरसिया, वीरा राजभर, अजीत कुमार राजभर, चन्दन कुमार वर्मा, ओकार वर्मा आदि लोगों ने प्रमुख रूप से अपनी सहभागिता निभाई।