Kalyan Singh

Analysis

मोदी लोकतंत्र-प्रहरी के साथ रहे! निहाल हुये हम सब!!

के. विक्रम राव प्रसंग गत बुधवार (11 अक्टूबर 2023) का है जब बिसराई याद ताजा हो गई, आठ साल पुरानी। मानों ऊंट की निगाह राई पर पड़ी हो। बल्कि अरबी भाषा में “ज़र्रानवाज़ी” हो, अर्थात नाचीज़ की कद्र। दिन था रविवार (11 अक्टूबर 2015)। तब नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने नई दिल्ली के भव्य विज्ञान भवन […]

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