आत्मनिर्भर भारत के प्रयास

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

कोरोना संकट ने विश्व के परिदृश्य को परिवर्तित किया है। सभी विकसित देश इस समय परेशान है। उनके संसाधन आपदा के समय कारगर साबित नहीं हो रहे है। जबकि भारत ने संकट के मुकाबले का जज्बा दिखाया है। इसी के दृष्टिगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया है। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। उद्योग व कृषि जगत के साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं को भी इसमें अपने दायित्व का निर्वाह करना होगा। इसी के दृष्टिगत लखनऊ विश्विद्यालय ने पहल की है। इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज लखनऊ विश्वविद्यालय ने एमबीए उद्यमिता और पारिवारिक व्यवसाय शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम दो साल का, एक पूर्णकालिक स्नातकोत्तर पेशेवर कार्यक्रम है।

यह प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित है। यह भारत में अर्थव्यवस्था और एम. एस एम ई क्षेत्र के पुनरुत्थान को सक्षम करने के लिए बनाया गया है। इसकी भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उद्यमशीलता व पारिवारिक व्यवसाय के विस्तार से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आलोक कुमार राय और प्रबन्धन विज्ञान संस्थान के विशेष अधिकारी प्रो.एम.के. अग्रवाल के नेतृत्व में एमबीए उद्यमिता और पारिवारिक व्यवसाय का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान करना है।

यह एमबीए प्रोग्राम न केवल युवा उद्यमियों को स्टार्ट अप शुरू करने के लिए प्रशिक्षित करेगा। साथ ही मौजूदा पारिवारिक व्यवसायों के साथ उन लोगों के कौशल को भी सामाजिक रूप से संवेदनशील बिजनेस लीडर्स बनने में सक्षम बनाएगा,जो अपने परिवार के व्यवसाय को अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम होंगे। यह नई पीढ़ी को परिवार और सामाजिक जरूरतों के लिए बनाए गए वैचारिक ढांचे के एक सेट के साथ व्यवस्थित रूप से तैयार करेगा जिसके कारण वह और अधिक सफल हो। इस कार्यक्रम को कई नवीन शिक्षण विधियों जैसे कि इनक्यूबेशन सेंटर, हैंड्स ऑन ट्रेनिंग और बौद्धिक संपदा अधिकार सेल के साथ जोड़ा जाएगा, जिसके कारण प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल में पेटेंट की संख्या विकसित होगी।

यह एमबीए प्रोग्राम छात्रों को उद्यमशीलता के उपक्रमों और पारिवारिक व्यवसायों के लिए तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो लंबे समय से भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल घटक हैं। इस पाठ्यक्रम के साथ छात्रों को व्यापार के मूल सिद्धांतों में एक व्यापक आधार प्राप्त होगा तथा विशेष रूप से बुद्धिमान निर्णय लेने के लिए विश्लेषणात्मक उपकरणों के उपयोग के संदर्भ में आधार प्राप्त होगा। छात्रों को एक सक्षम उद्यमी और कल के एक सफल पारिवारिक बिजनेस लीडर्स के रूप में विकसित होने करने के लिए परामर्श दिया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रबंधकों को समस्या को सुलझाने,वैचारिक और निर्णय लेने के कौशल को बढ़ाएगा और उद्योग के सहयोग से वास्तविक जीवन के काम के अनुभवों और हाथों से अभ्यास करने के लिए अवसर प्रदान करेगा।

इसके अनेक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ होंगे। सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और एमएसएमई के साथ संगठन की बदलती गतिशीलता को समझने का अवसर मिलेगा। उद्यमशीलता के गुणों का विकास होगा। इससे वह अपने व्यवसाय अर्थव्यवस्था की उत्पादकता और विकास में सक्षम होंगे। स्थायी स्टार्ट अप शुरू करना आसान होगा। परिवार के व्यवसायों में पीढ़ीगत बदलाव को बेहतर रूप में समझना और उसको अधिक लाभप्रद बनाने की समझ बढ़ेगी। यह सभी प्रयास अंततः राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में योगदान देने वाले साबित होंगे। यह जानकारी प्रो.एम.के. अग्रवाल ने दी।