रामगंगा प्रदूषण से जुड़े संत रामदास की हत्या, गुस्साएं लोगों ने हरिद्वार हाई-वे जाम किया

  • खनन माफियाओँ के खिलाफ भी सक्रिय थे संत, जताया था जान का खतरा

नया लुक ब्यूरो

लखनऊ /मुरादाबाद। रामगंगा प्रदूषण मुक्त समिति से जुड़े और अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले संत रामदस की हत्या कर दी गयी। संत रामदास का शव शनिवार को मुरादाबाद के गलशहीद थाना क्षेत्र के एक मंदिर में पड़ा संत रामदास ने कई बार खनन माफियाओं से जान के खतरे की आशंका जतायी थी। कुछ दिन पहले उन्होंने वीडियो बनाकर भी जान के खतरे की आशंका जतायी थी पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनकी हत्या से क्षुब्ध कई संगठनों के लोग पीलीकोठी चौराहे पर इकट्ठा हो गए।

उन्होंने शव ले जा रही एंबुलेंस रुकवा कर हरिद्वार हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजन व अन्य लोगों ने संतराम दास के तीन मोबाइल और पर्स गायब होने पर उनकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन शव को ब्रजघाट लेकर चले गए।संत राम दास ने रामगंगा नदी में चल रहे खनन और शहर में ई कचरा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। वह बीच-बीच में अधिकारियों से भी इसकी शिकायत करते रहे हैं।

वीडियो बनाकर भी अफसरों को भी भेजा करते थे। इस कारण संत राम दास से खनन और ई कचरा का धंधा करने वाले रंजिश रखते थे। योगी सेना के मंडल अध्यक्ष आकाश अग्रवाल ने बताया कि एक सप्ताह पहले उनकी बैठक हुई थी। बैठक में संत रामदास ने अपनी हत्या की आशंका जताई थी।अमरोहा गेट निवासी रामदास वर्षों पहले संत बन गए थे। वह नागफनी थानाक्षेत्र में सैनी बस्ती स्थित मंदिर में महंत थे। इसके अलावा मां रामगंगा प्रदूषण मुक्ति समिति के संस्थापक थे। संत रामदास के बहनोई निर्मल गुप्ता ने बताया कि वह रोज शाम को उनके घर खाना खाने आते थे।

शुक्रवार की रात को जब संत खाना खाने नहीं पहुंचे, तब उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ था। शनिवार की सुबह कुछ लोग उनके घर पहुंचे। तब उन्होंने बताया कि संत रामदास का शव गलशहीद थानाक्षेत्र के असालतपुरा स्थित मंदिर में मिला है। सूचना मिलने पर संत के भाई सुशील कुमार भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। मंदिर के पुजारी ओमी वाल्मीकि ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे संत रामदास मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी तबीयत खराब बताई थी। उन्होंने एक चादर मांगी और वहीं फर्श पर सो गए थे।

शनिवार की सुबह नवरात्र के पहले दिन लोग मंदिर पहुंचे तो उन्होंने संत राम दास को मृत पाया। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर ब्रजघाट के लिए चले तो उनसे पहले ही पीलीकोठी चौराहे पर राष्ट्रीय योगी सेना समेत अन्य संगठन के लोग जुट गए थे। उन्होंने एंबुलेंस रुकवा ली। इसके बाद हरिद्वार हाईवे पर जाम लगा दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद एसपी सिटी अमित आनंद व अन्य अधिकारी भी आ गए।

परिजन और अन्य लोगों ने संत राम दास की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि संत राम दास के तीन मोबाइल व पर्स गायब है। उनके मोबाइल पर डीपी भी बदल दी गई है। एसपी सिटी ने गहनता से जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर ब्रजघाट के लिए रवाना हो गए हैं।