जज्बे को सलाम: अपनों से न मिल पाने के गम के बीच कर रही देश सेवा

  • बैंक, मंडी सहित अन्य ड्यूटी पर निष्ठा के साथ डटी हैं कोतवाली की महिला कांस्टेबल

अरुण वर्मा

महराजगंज। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव हम सभी के लिए परीक्षा की घड़ी है। हम सभी लॉकडाउन का पालन कर अपने अपने घरों में अपनों के बीच गुजारा कर रहे है। जबकि महिला पुलिस कर्मियों ने अपनी ममता और परिवार के सदस्यों से संबंध ही लॉकडाउन कर दिया है। हम ठूठीबारी पुलिस की इन कोरोना फाइटर्स के जज्बे को सलाम करें। इनके त्याग और कठिन ड्यूटी को आसान बनाने के लिए लॉकडाउन और शारीरिक दूरी के नियमों का ईमानदारी से पालन करें। कांस्टेबल खुशबू पाण्डेय लॉकडाउन और शारीरिक दूरी के इस कठिन वक्त में पूछे गए सवाल पर उन्होनें कहां कि परिवारजनों से दूरी खल तो रही है पर मुझे फक्र है कि मैं देश की सेवा कर रही हूँ।

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कांस्टेबल पूजा तिवारी ने बताया कि देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है। देश को हमारी जरूरत है। घर गए हुए काफी दिन हो चुके मोबाइल से अपनो से बात कर लिया करती हूं। किसकी इच्छा नही होती अपनो से मिलने की पर देश व दायित्वों से बढ़ कर कुछ नही होता। मुझे गर्व महसूस हो रहा है। कांस्टेबल किरण यादव का कहना है कि अच्छा लग रहा इस आपदा के समय ड्यटी बजाना। हमें तो एक अवसर मिला है देश की सेवा करने को यह किसी किसी को नसीब होता है। हम पांच महिला कांस्टेबल कोतवाली में तैनाती पाई है। जब अपने घर परिवार की याद आती तो आपस में बैठ बांते कर मन को हल्का कर लिया करती। कांस्टेबल प्रज्ञा सिंह अपनी जिम्मेदारियों को लेकर दिन-रात सक्रिय हैं। कहती हैं कि मेरा भी परिवार है, लेकिन इस महामारी ने अपनों से दूरी बना दी है। मोबाइल ही मिलने का सहारा है। सुबह-शाम घर-परिवार के लोगों से बात कर तसल्ली हो जाती है। संक्रमण से बचने के लिए यह आवश्यक भी है कि दूरी बनी रहे।

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