रामकथा सुंदर करतारी

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

लखनऊ । अयोध्या की रामलीला सदियों पुरानी है। लेकिन इस बार इसकी भव्यता का नया रूप दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से अयोध्या में उत्साह का संचार हुआ है।

उन्होंने त्रेता युग के दीपोत्सव के साथ अपनी कार्ययोजना का शुभारंभ किया था। यह एक पक्षीय कार्यक्रम नहीं था। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जी के विकास को इसके साथ जोड़ दिया था। उनका कहना था कि पिछली सरकारें अयोध्या जी का नाम लेने से डरती थी। जबकि योगी समय समय पर अयोध्या जी की यात्रा पर आते रहे है। प्रत्येक बार वह विकास की योजनाएं भी घोषित करते थे। उनके क्रियान्वयन पर ध्यान देते थे। पहले दीपोत्सव के कीर्तिमान कायम हुए।

अब रामलीला की भव्यता का नया अध्याय प्रारंभ हो रहा है। सरयू तट स्थित लक्ष्मण किला परिसर में नौ दिवसीय रामलीला प्रारंभ हुई। प्रसिद्ध फिल्मी सितारों ने इसमें मंचन किया। गणेश वंदना के साथ नौ दिवसीय वर्चुअल रामलीला की प्रस्तुति का प्रारंभ हुआ। कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माता पार्वती एक दूसरे से वार्ता कर रहे होते हैं-

रची महेस निज मानस राखा
माता पार्वती उनसे रामकथा सुनाने को कहती है। शिव जी कहते है कि तुमने राम जी का प्रसंग पूंछा,इससे तुम लोको को पवित्र कर देने वाली गंगा के समान रामकथा की हेतु बनी है।

जब जब होई धरम कै हानि। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी।।
तब तब प्रभु धरि विविध शरीरा। हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा।।

नारद जी भी प्रकट होते हैं। नारद की भूमिका प्रख्यात कलाकार असरानी निभा रहे है। वह समाधि लगाते है। इंद्र कामदेव से देवर्षि नारद की समाधि भंग करने का अनुरोध करते हैं।