Big news: राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन

लखनऊ। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे समाजवादी पार्टी (एसपी) के पूर्व नेता अमर सिंह का आज निधन हो गया है। बीमारी के चलते सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। एक समय पर उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले अमर सिंह समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव के करीबियों में शामिल थे।

यह भी पढ़ें:

अमर सिंह वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सांसद थे। 5 जुलाई 2016 को उन्हें उच्च सदस्या के लिए चुना गया था। समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद उनकी सक्रियता कम हो गई थी। हालांकि, बीमार होने से पहले तक उनकी करीबियां भारतीय जनता पार्टी से बढ़ रही थीं। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1996 में राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के साथ ही हुई थी।

यह भी पढ़ें:

अमिताभ बच्चन के करीबी दोस्तों में थे अमर सिंह
इससे पहले वह 2002 और 2008 में भी राज्यसभा के लिए चुने जाते रहे हैं। एसपी नेता मुलायम सिंह यादव के अलावा मेगास्टार अमिताभ बच्चन के परिवार से भी अमर सिंह के बेहद करीबी रिश्ते रहे हैं। पिछले कुछ सालों में इन रिश्तों में खटास जरूर आई थी। इस साल फरवरी महीने में अमर सिंह ने एक वीडियो जारी करके अमिताभ बच्चन से माफी भी मांगी थी।

यह भी पढ़ें:

अमर सिंह का जीवन सफर:

अमर सिंह का जन्म अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में श्री हरीश चंद्र सिंह और श्रीमती शैल कुमारी सिंह के घर एक राजपूत परिवार में हुआ था। उन्होंने बी.ए., एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है, और सेंट जेवियर्स कॉलेज और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लॉ, कोलकाता में शिक्षित हुए। उन्होंने 1987 में श्रीमती पंकजा कुमारी सिंह से शादी की और उनकी दो बेटियाँ हैं। उद्योगपति से राजनेता बने सिंह उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेताओं में से एक थे। वे समाजवादी पार्टी के महासचिव और राज्यसभा के सदस्य थे। 6 जनवरी 2010 को, उन्होंने समाजवादी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और बाद में 2 फरवरी 2010 को इसके प्रमुख, मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने 2011 में न्यायिक हिरासत में कुछ समय बिताया। वे आखिरकार राजनीति से सेवानिवृत्त हो गए। 2016 में, वे समाजवादी पार्टी से फिर से जुड़ गए और राज्यसभा के लिए चुने गए।

सिंह ने 2011 में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय लोक मंच की शुरुआत की और 2012 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में से 360 पर अपने उम्मीदवार खड़े किए। हालाँकि, उनकी पार्टी ने इन चुनावों में एक भी सीट नहीं जीती। वे मार्च 2014 में राष्ट्रीय लोकदल पार्टी में शामिल हुए, उस वर्ष फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश से आम चुनाव लड़े और हार गए।

यह भी पढ़ें: