ओवरलोडिंग पर अब लगेगा अंकुश

  • गोखपुर के संभागीय परिहन कार्यालय ने 31 संस्थाओं को भेजा नोटिस

गोरखपुर । ओवरलोडिंग को पूरी तरह से समाप्त करने के उद्देश्य से संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से विभिन्न संस्थानों जिसमें कंस्ट्रक्शन, ट्रेडर्स, निर्माण कंपनी, इंजीनियरिंग संस्था शामिल है, उनके लिए मोटर अधिनियम 1988 की धारा 113 व 114 तथा उच्च न्यायालय द्वारा रिट संख्या 136/2003 परमजीत भसीन व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य में पारित आदेश दिनांक 09/11/2005 के दृष्टिगत पंजीयन प्रमाण पत्र में क्षमता से अधिक की लोडिंग एवं अनलोडिंग कराया जाना अपराध माना गया है।

संभागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार धारा 194(1) व 199 के अंतर्गत वाहनों में क्षमता से अधिक ढोने पर दंड का प्राविधान किया गया है । संभागीय परिवहन कार्यालय द्वारा ओवरलोडिंग पर नियंत्रण हेतु विभिन्न संस्थानों के 31 प्रबन्धको/ स्वामी को नोटिस प्रेषित की जा चुकी है एवं आगे भी कार्रवाई की जा रही है। संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा उक्त सभी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए स्वीकृत क्षमता से अधिक माल का लादना प्रतिबंधित किया जाए ताकि ओवरलोडिंग को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सके।