सिर्फ दिमाग ही नहीं दिल को भी दुरुस्त रखती है अखरोट, जानें कैसे

नया लुक डेस्क। अखरोट, एक ऐसा डाई फ्रूट जिसको देखते ही दिमाग का ख्याल आता है। सिर्फ दिखने में ही नहीं इसके गुण भी दिमाग को तेज करना है। लेकिन यह कम ही लोग जानते होंगे कि दिमाग के साथ ही साथ यह दिल को ​भी दुरुस्त रखने में बहुत कारगर है। लेकिन जरूरी है कि हम जो खायें वो एक नियंत्रित मात्रा में हो नहीं तो फायदा होने के बजाय नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। तो आइये जानते हैं अखरोट कैसे आपके दिल को दुरुस्त रखने में सहायक है।

ओमेगा -3 और 6 फैटी एसिड की आवश्यकताओं की दैनिक जरूरत को पूरा करने में सहायक

अखरोट एक प्लांट बेस्ड ओमेगा -3 फैटी एसिड, स्टेरोल्स और फैट का समृद्ध स्त्रोत है। अखरोट लिनोलेनिक एसिड में भी समृद्ध होता हैं, जो आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल का स्तर ब्लड प्रेशर को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे हृदय रोग विकसित होने का खतरा कम हो जाता है। अखरोट के सेवन से से शाकाहारियों में विशेष रूप से ओमेगा -3 और 6 फैटी एसिड की आवश्यकताओं की दैनिक जरूरत को पूरा करने में मदद मिलती है।

अखरोट की खुराक आपकी क्लीनिकल और बायोमेडिकल स्थिति पर निर्भर

नट्स का हमेशा ही कम मात्रा में सेवन करना चाहिए क्योंकि यह कैलोरी से भी भरपूर होता है। अखरोट के अधिक सेवन से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। 1 ग्राम फैट 9 कैलोरी के बराबर होता है, इसका मतलब है कि बहुत अधिक खाने से आपके शरीर में कैलोरी बढ़ सकती है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए एक समस्या का कारण बन सकती है। अखरोट की खुराक आपकी क्लीनिकल और बायोमेडिकल स्थिति पर निर्भर करती है। कुपोषित लोग अखरोट के 10-12 टुकड़े खा सकते हैं, जबकि स्वस्थ व्यक्ति 6-7 हिस्सों का सेवन कर सकते हैं।

मोटे लोगों को प्रति दिन 5 से अधिक अखरोट के टुकड़े का उपभोग नहीं करना चाहिए। जो लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं, अखरोट के 2-4 हिस्सों का सेवन कर सकते हैं। हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को प्रति दिन 30 ग्राम फैट लेने की अनुमति होती है, जिसमें आप नट्स को भी शामिल कर सकते हैं। हालांकि, आपको अपनी डाइट में अखरोट को शामिल करने से पहले एलर्जी की जांच करनी चाहिए। कुछ लोगों को अखरोट के सेवन से एलर्जी हो सकती है, इसलिए अखरोट का सेवन करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए।