शिक्षा व सेवा का सन्देश

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री


राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने दो अलग अलग कार्यक्रमों में शिक्षा व समाज सेवा के सार्थक सन्देश दिए। उन्होंने एक पत्रिका लोकार्पण का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने नई शिक्षा नीति से संबंधित सन्देश दिया। दूसरे कार्यक्रम में उन्होंने राहत सामग्री वाहन को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज को खुशी देने का आह्वान किया।

आनन्दी बेन पटेल नई शिक्षा को सराहनीय व उपयोगी मानती है। वह इसके क्रियान्वयन पर व्यापक विचार पर भी बल देती रही है। शब्दिता पत्रिका के विमोचन के दौरान भी उन्होंने इसका उल्लेख किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस पत्रिका को नयी शिक्षा नीति पर भी विशेषांक निकालना चाहिए। बच्चों को पढ़ने व पढ़ाने के संबन्ध में चर्चा होनी चाहिए।

प्राइमरी सेकेण्डरी तथा विश्वविद्यालय का शिक्षण भी विचार का विषय है। उच्च शिक्षा में शोध केवल नौकरी प्राप्ति के लिये हो रहा है। चिकित्सा,समाज सेवा के क्षेत्र में भी उच्च स्तर का शोध होना चाहिए। जिससे समाज लाभान्वित हो। राज्यपाल ने शिक्षाविदों को विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम एवं कंटेंट तैयार करने का सुझाव दिया। आनंदीबेन पटेल ने साहित्यकार आचार्य चन्द्र प्रकाश सिंह के एक सौ ग्यारहवें जन्मदिवस के अवसर पर पत्रिका शब्दिता के विशेषांक ऋषि परम्परा के महाकवि का आज राजभवन में विमोचन किया।

इसके अलावा आनंदीबेन पटेल ने राजभवन से मुकुल माधव फाउण्डेशन एवं फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित गिव विद डिग्निटी अभियान के तहत गरीब एवं जरूरतमंदों के सहायतार्थ वितरित की जाने वाली राहत सामग्री के वाहन को झण्डी दिखाकर रवाना किया।

इसके माध्यम से तीन हजार गरीब लोगों को राशन सामग्री किट वितरित करेगा।राज्यपाल ने कहा कि अभी नवरात्रि चल रही है। फिर दशहरा और दीपावली के पर्व आने वाले हैं। हम सभी अपने परिजनों के साथ पर्वों को खुशी एवं उल्लास से मनाते हैं। परन्तु बहुत से ऐसे भी लोग हैं जो पर्वों का आनंद नहीं ले पाते हैं। हमें अपनी खुशियों में ऐसे लोगों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों को खुशी देने से स्वयं को जो अनुभूति होती है उसका आनंद ही कुछ और है।