कुशीनगर: निजिकरण के विरोध में विद्युत कर्मी दूसरे दिन भी धरने पर

कुशीनगर कसया। निजिकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों का कार्य बहिस्कार का दूसरा दिन धरना जारी है। विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति कुशीनगर के तत्वाधान में समस्त जनपद के अधिकारी एवं कर्मचारी निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल कुशीनगर कार्यालय पर कार्य बहिष्कार कर निजीकरण का विरोध किए।

अध्यक्षता धर्मेंद्र कुमार मल्ल उपखंड अधिकारी ने किया। संचालन आर० के सिंह अवर अभियंता ने किया। सभा को संबोधित करते हुए विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक राजनाथ मिश्रा ने कहा कि प्रशासन जनता को गुमराह करके विद्युत कर्मियों और उपभोकक्ताओं में संघर्ष कराना चाहती है।जनता समझ गई है कि सरकार हठवादिता एवं संवेदनहीनता के कारण गतिरोध बना हुआ है।

समझौता होने के दो घंटे के अंदर सभी विद्युत केंद्र से विद्युत बहाल हो जाएगी। जनता द्वारा चुने गए सरकार को जनता का दुख दर्द समझना चाहिए।ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करना विकल्प नहीं है। संकल्प यह होना चाहिए कि विद्युत क्षेत्र में साधन संसाधन मुहैया कराकर बिजली चोरी को रोका जाए।सरकार के सलाहकारों से सोची-समझी रणनीति के तहत गतिरोध बना हुआ है।

अंन्त में सभा अध्यक्ष इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार मल्ल ने कहा कि ऊर्जा का निजीकरण करना जनहित के लिए ठीक नहीं है। जनता को महंगी बिजली बेच कर पुजिपत्तियों को सरकार का लाभ पहुंचाने का षणयंत्र है। विद्युत कर्मियों के सेवा शर्तों को प्रभावित किया जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति कुशीनगर के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने अंतिम सांस तक आंदोलन को जारी रखेंगे।जब तक सरकार के तरफ से हम लोगो के पक्ष में कोई उचित निर्णय नहीं आ जाता।

कार्यक्रम में निम्न्वत अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे अरुण कुमार वर्मा, रामविलास खरवार, इम्त्याज अहम्द, राकेश प्रजापति, रमेश सिंह, बुद्धि राम साह, धर्मेंद्र कुमार यादव ,राजा राम सागर, दीनदयाल पांडे, कमलेश, राजेश मौर्य, विजय सिंह, राजकुमार कुशवाहा, संतोष गुप्ता, भरत प्रसाद, जटा प्रसाद, सुग्रीम कुशवाहा, रामचंद्र प्रसाद,अजय आदि सैकड़ों विधुत कर्मी उपस्थित रहे।