गोरखपुर में दुकान खुलते ही बढ़ी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन रहा बेअसर

राघवेन्द्र दास

गोरखपुर। लॉकडाउन में छूट मिलते ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य जरूरी उपायों को भूल लोग सड़कों पर उतर आए। प्रशासन के मना करने के बाद भी दो पहिया वाहनों पर दो लोग बेखौफ घूम रहे हैं। चार पहिया वाहनों पर चार से लेकर सात लोग बैठने लगे हैं। छोटी दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है।

दुकानों के बाहर सामान के प्रदर्शन पर रोक के बाद भी दुकानदार बाज नहीं आ रहे हैं, इससे कोरोना संक्रमण बढऩे की आशंका तेज हो गई है। कुछ लोगों ने मास्क भी नहीं लगाया था। कई ऐसे भी दिखे जो मास्क तो लगाए थे, लेकिन उसे नाक से सरकाकर नीचे कर लिया था, यानी मास्क केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। अधिकतर पेट्रोल पंपों पर सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार कर लोग गाडिय़ों में तेल भराते रहे।

कचहरी बस स्टेशन यहां पर वाहनों की एसी मरम्मत की दुकानों के अंदर लोग कुर्सियां डालकर बतकही में मशगूल थे। एक दुकान के भीतर तो बकायदा आठ से अधिक लोग बैठे हुए थे। सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में पूछने पर लोग हंसने लगे। एक ने कहा कि कब तक सोशल डिस्टेंसिंग चलेगा? देखिए सब लोग बैठे हैं, कहीं कुछ हो रहा है।

वहीं आरटीओ कार्यालय गेट के ठीक बगल की पान की दुकान पर करीब दस से अधिक लोग एक दूसरे से सटकर खड़े थे। ज्यादातर ने तो मास्क भी नहीं लगाया था। मास्क नहीं लगाने से कोरोना के फैलने के बारे में पूछने पर एक ने बताया कि अब मास्क लगा लेंगे तो आप ही बताइए कि पान कैसे खाएंगे?

मोहद्दीपुर में खरीदारी की होड़

मोहद्दीपुर चौराहे के उत्तरी छोर पर स्थित बेकरी व किराने की दुकान पर भी जल्दी खरीदारी की होड़ में लोग मानकों को भूल बैठे थे। दुकानदार के कहने के बाद थोड़ी देर लोग दूर खड़ा रहते उसके तुरंत बाद फिर सटकर खड़े हो जाते। यह सिलसिला करीब आधे घंटे तक जारी रहा।नगर निगम गेट के सामने पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने की होड़ में सोशल डिस्टेंसिंग को ताक पर रख दिया गया। बेखौफ होकर एक-दूसरे से आगे आकर जिद्दोजहद के बीच लोग पेट्रोल भरा रहे थे। पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी बिना रोकटोक के गाडिय़ों में पेट्रोल भर रहे थे। मुनाफा और खरीदारी के बीच सोशल डिस्टेंसिंग गायब हो गया।

रेती रोड पर गाड़ियों का जाम जैसा दृश्य था। कपड़े की दुकानें खुली थीं। बड़ी दुकानों पर भीड़ कम थी। अधिकतर जगहों पर बाहर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था थी। छोटी दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा अभाव दिखा। एक दुकान पर कपड़ा पसंद करने के लिए दुकानदार के अलावा छह लोग सटकर बैठे दिखे। एक साथ बैठने के बारे में दुकानदार से पूछने पर कहा कि अब कपड़ा पसंद करना है तो ग्राहक तो नजदीक आएगा ही, आपको कोई परेशानी है क्या?

वहीं पांडे हाता की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ थी। श्रृंगार की एक दुकान पर महिलाओं की भीड़ थी। सबको अपने-अपने सामान की जल्दी थी। इसी बीच दुकान पर स्कूटी सवार तीन लड़कियां आती हैं और सामान खरीदने के लिए महिलाओं को पीछे करते हुए दुकान में घुस जाती हैं। थोड़ी नोकझोंक के बाद स्थिति सामान्य होती है, और अपना सामान लेकर लड़कियां वहां से निकल जातीं हैं।

डीएम ने की अपील-दुकानों के बाहर सामान का न करें प्रदर्शन
जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन ने गीता प्रेस, रेती रोड, शाहमारूफ, पांडेयहाता का निरीक्षण कर आम जनता व दुकानदारों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने एवं मास्क लगाने के बारे में जागरूक किया।

डीएम ने दुकानदारों से कहा कि अपने सामान का प्रदर्शन कम से कम करें जिससे कि सामान को लोग कम छुएं और सुरक्षित रहें। इस दौरान एसएसपी डा. सुनील गुप्ता ने भी लोगों से कहा कि दुकानों व चौराहों पर पांच से अधिक व्यक्ति न खड़े हों। डीएम ने कहा कि जनता से बार-बार अपील की जा रही है कि वह बिना वजह सड़कों पर न निकलें। लोगों की लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में विशेष सतर्कता की जरूरत है। दुकानदारों से भी अपील है कि वह बिना मास्क लगाए लोगों को सामान की बिक्री कत्तई न करें। एक साथ दुकान में पांच से अधिक व्यक्तियों को प्रवेश न करने दें। निर्देशों की अवहेलना पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।