शरीर में दिख रहे इन छह बदलावों से पहचानें डेंगू का संक्रमण

शुरूआती समय में किसी भी बीमारी को पहचानकर उसे रोका जा सकता है। उस समय बीमारी शरीर के किसी एक भाग में होता है। और उसे कंट्रोल दवा से हो सकता है लेकिन जब वहीं बीमारी शरीर के 50 प्रतिशत के पार पहुंच जाती है तब उसे रोक पाना मुश्किल होता है। यदि आप इस बीमारी की पहचान तभी कर पाएं, जब यह आपके शरीर में प्रवेश कर बढ़ने की कोशिश कर रहा होता है तो आप गंभीर रूप से बीमारी होने से बच सकते हैं।  आपको बता दें कि प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर इस बात का पता लगाया जा सकता है कि शरीर में डेंगू का वायरस प्रवेश कर चुका है और अब यह शरीर में फैलने की कोशिश कर रहा है। यदि शुरुआती स्तर पर ही बीमारी का पता चल जाएगा तो आप इसका सही समय पर पूरा इलाज ले पाएंगे और आपको अत्यधिक दिक्कतों या जान के जोखिम का सामना नहीं करना पड़ेगा। बदलते मौसम में बुखार होना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन यह बुखार शुरुआती स्तर पर काफी कम और हल्के बदन दर्द के साथ होता है। जबकि डेंगू होने पर आपको अचानक और बहुत तेजी से बुखार होगा।

अगर डेंगू है तो इन लक्षणो से आप पहचान सकते है-

डेंगू के दौरान आपको शरीर में बहुत दर्द होगा और शरीर टूटने की समस्या होगी। आप खुद को बहुत थका हुआ और कमजोरी का अनुभव करते हैं। साथ ही डेंगू फीवर के दौरान आपको तेज बुखार के साथ ही तेज ठंड भी लगेगी। डेंगू होने पर शुरुआती स्तर पर ही फीवर 100-102 डिग्री के बीच होता है। यदि इसका समय पर इलाज शुरू ना किया जाए तो यह बहुत तेजी के साथ बढ़ते हुए खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है। इसलिए आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही घर पर डेंगू से बचाव के तरीके भी अपनाने चाहिए।

  • आंखों के पीछे तेज दर्द होना

बुखार के साथ ही आंखों के पीछे की तरफ तेज दर्द होना भी डेंगू का एक मुख्य लक्षण है। डेंगू के दौरान रोगी को आंखें खोलने में भी दिक्कत होती है। क्योंकि आंखों में लगातार भारीपन, थकान और दर्द होता रहता है।

  • घर पर कर सकते हैं डेंगू का इलाज

बहुत कोशिश के बाद भी रोगी मात्र कुछ सेकंड्स के लिए आंखें खोल पाता है। अगर फीवर के साथ आंखों में दर्द की समस्या हो तो आपको डेंगू की जांच के लिए मेडिकल टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

  • लगातार सिर में दर्द रहना

बुखार के दौरान सिर दर्द होना बहुत सामान्य होता है। लेकिन डेंगू के दौरान होनेवाला सिरदर्द सामान्य दर्द से काफी अलग होता है। इस दर्द के दौरान सिर में किसी एक स्थान पर लगातार झटका सा अनुभव होता रहता है,जैसे कोई चोट कर रहा हो। यह दर्द लगातार आपकी कनपटी में हिट करता रहता है और फिर पूरे सिर में स्कल तक फैल जाता है। यह दर्द इस बात का साफ संकेत होता है कि आप डेंगू की चपेट में हैं।

  • लगातार जी मचलाना

डेंगू के दौरान रोगी को लगातार बुखार, सिरदर्द और आंखों में भारीपन के साथ ही जी मचलाने की समस्या होती रहती है। इस कारण कई बार पेट दर्द के साथ ही उल्टियां भी हो सकती हैं।

  • पेट दर्द के साथ उल्टियां होना

अगर आपको इस तरह के लक्षण नजर आ रहे हैं तो समझ लीजिए कि डेंगू शरीर पर तेजी से हावी हो रहा है। इन स्थितियों में किसी भी तरह की लापरवाही जान के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाओं का सही समय पर सेवन करें।

  • स्किन पर रैशेज होना

डेंगू के दौरान शरीर पर रैशेज दिखने लगते हैं। ये रैशेज सपाट लाल रंग के होते हैं। जैसे कि अचानक किसी चीज के हिट करने से बना हुआ निशान होता है। डेंगू से संक्रमित रोगी के शरीर पर इस तरह के रैशेज बुखार शुरू होने के 2 से 3 दिन के बाद दिखाई देने शुरू होते हैं। ये निशान आपके शरीर के किसी भी हिस्से पर दिख सकते हैं और इनमें कभी-कभी हल्की खुजली होने की शिकायत भी हो सकती है।