नारी सशक्तिकरण विदेशी अवधारणा: विद्या विन्दु सिंह

  • भारतीय तत्त्व है प्रकृति जो देवी रुप में पूजनीय है

लखनऊ। ‘स्त्री विमर्श नया गढ़ा हुआ शब्द है। नारी सशक्तिकरण भी विदेशी अवधारणा है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति और पुरुष दो तत्त्व माने गये हैं। प्रकृति स्त्री है और परमब्रह्म पुरुष। सृजन, पालन व संहार के लिए ब्रह्म को भी प्रकृति का सहयोग लेना पड़ता है।’

ये उद्गार ‘देवी पूजन का सांस्कृतिक धरातल और वर्तमान परिवेश में स्त्री विमर्श’ विषय पर बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. विद्या विन्दु सिंह ने व्यक्त किये। लोक संस्कृति शोध संस्थान की मासिक श्रृंखला के अन्तर्गत रविवार को आयोजित आनलाइन लोक चौपाल में उन्होंने कहा कि भारत नारी शक्ति का केन्द्र रहा है जहां उसे देवी रुप में पूजा जाता है तथा वर्ष के दो नवरात्र उसी भारतीय सांस्कृतिक दृष्टि का स्मरण कराते हैं। डाॅ. अपूर्वा अवस्थी ने स्त्री के सौम्य और रौद्र रुप की चर्चा करते हुए भगवान द्वारा शक्ति की पूजा कर सफलता प्राप्त करने का प्रसंग सुनाया तथा नारी से सशक्त होने का आह्वान किया।

चौपाल चौधरी के रुप में संगीत विदुषी प्रो. कमला श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया। संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी ने बताया कि इस अवसर पर पारम्परिक देवी गीत और उन्हीं पर आधारित नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ लोक गायिका आरती पांडेय ने जय जय जय हे मातु भवानी… से किया। पूनम सिंह नेगी ने द्वार खड़ी लहराये री लांगुरिया… सीमा अग्रवाल ने पर्वत बीच बना मन्दिरवा… ज्योति किरन रतन मांगना है

तो मइया जी से मांगो… अंजलि सिंह ने मोर महारानी विन्ध्याचल की रानी… रेखा मिश्रा ने मेरी मइया केंवड़िया खोलो… रीता श्रीवास्तव ने योगेश प्रवीन का लिखा गीत चुनरिया लाल लाल लहराये… नीता निगम ने आदि शक्ति दे दो शक्ति… रुपाली श्रीवास्तव ने गलियन गलियन घूमेली मलिनिया… मधु श्रीवास्तव शक्ति ने भोर ही में अंगना बुहार आई… मधु श्रीवास्तव ने देखो जी आज मैया कैसी… शशि चिक्कर ने मां तेरे दर पे आना मेरा… अरुणा उपाध्याय ने पूजन को आई तोहार… सरला गुप्ता ने दरस की बेला भई… शैलजा ने सुन्दर गुफा में ज्योति… सरिता अग्रवाल ने देवी पूजन चली… मंजू श्रीवास्तव ने देवी के द्वारे हरी हरी पीपल… रेखा अग्रवाल ने फूलों के उपर नाचे मोर महारानी… लीला श्रीवास्तव ने मैया दरसन देना हमारे अंगना… रंजना मिश्रा, भजन गायक गौरव गुप्ता, रेनू दुबे, संजय शर्मा, गीता, विद्याभूषण सोनी, मिथिलेश जायसवाल, साधना मिश्रा, कुसुमलता, शारदा पांडेय, संगीता खरे, पूनम त्रिवेदी, परमानंद पांडेय ने चैपाल में भाग लिया।

श्रेया बिन्दल ने दुर्गा मां जगदम्बा मा… स्वरा त्रिपाठी ने चलो दीयना बार… रिद्धिमा ने लाल लाल चुनरी मैया… व कनिष्का ने माता रानी तू हीं दुर्गा… पर मनमोहक नृत्य किया।