इतिहास में पहली बार थमे रेल के पहिए 14 अप्रैल तक नहीं चलेंगे

  • केवल ट्रैक पर दौड़ रही हैं मालगाड़ियां
  • देश में चलती हैं 13 हजार यात्री ट्रेनें

नया लुक डेस्क

नई दिल्ली। पूरी दुनिया पर कहर बन चुके कोरोना के चलते भारतीय इतिहास में पहली बार थमे ट्रेन के पहिए केवल 31 मार्च तक ही नहीं थमे रहेंगे। रेलवे बोर्ड का कहना है कि जब तक देश में कोरोना महामारी पर नियंत्रण न हो, तब तक ट्रेन के पहिए नहीं हिलेंगे। भारतीय रेलवे ने हर प्रकार की सभी यात्री गाड़ियों के परिचालन पर रोक 14 अप्रैल की मध्य रात्रि तक बढ़ा दी है। हालांकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखने के लिए मालगाड़ियों का परिचालन अनवरत जारी रहेगा। भारतीय रेल प्रतिदिन करीब 22 हजार गाड़ियां चलाती है जिनमें 13 हजार यात्री ट्रेनें और करीब नौ हजार मालगाड़ियां शामिल हैं। शनिवार रात दस बजे के बाद किसी भी यात्री गाड़ी को रवाना नहीं किया गया। इससे रात से ही देशभर के रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंगलवार रात 21 दिन के भारत लॉक डाउन की घोषणा किये जाने और उसके तुरंत बाद गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के तहत रेलवे ने यह कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने आज जारी एक नये परिपत्र में कहा कि मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर, प्रीमियम, उपनगरीय, कोलकाता मेट्रो आदि हर प्रकार की यात्री रेल सेवाएं 14 अप्रैल की मध्य रात्रि तक उपलब्ध नहीं होंगी। जबकि मालगाड़ियों का परिचालन निरंतर होता रहेगा। इसके पहले रविवार को ही रेलवे ने 31 मार्च की अर्द्धरात्रि तक देश में को पूरी तरह से रोकने की घोषणा कर दी थी।

रेलवे बोर्ड ने सभी ज़ोनल महाप्रबंधकों को सूचित किया है कि कोरोना के कारण 31 मार्च तक सभी यात्री गाड़ियों को रद्द कर दिया गया है जिनमें शताब्दी, राजधानी, दूरंतो, गतिमान, वंदेभारत, तेजस समेत सभी प्रीमियम, मेल/एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर गाड़ियों की सेवाएं शामिल हैं। चेन्नई, दिल्ली, मुंबई आदि शहरों की उपनगरीय सेवाएं और कोलकाता मेट्रो की जो सेवाएं जिन्हें रविवार को न्यूनतम स्तर पर चलाने की घोषणा की गयी थी, वे आज रात 12 बजे के बाद पूर्णत: बंद कर दी जाएंगीं।

परिपत्र के अनुसार जो गाड़ियां 22 मार्च को सुबह चार बजे से पहले रवाना हुईं हैं, उनको गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। यात्रियों को हर प्रकार के टिकट को रद्द कराने के नियमों को ढील देते हुए रेलवे ने यह भी कहा है कि यात्री टिकट रद्द कराके 21 जून तक पूरा पैसा वापस ले सकेंगे। रेलवे टिकट रद्द कराने एवं रिफंड देने की समुचित व्यवस्था करेगा। रेलवे ने यह अपील भी की है कि ई टिकट वाले यात्रियों को टिकट कैंसिल कराने की जरूरत नहीं है। कैंसिलेशन और रिफंड आटोमैटिक हो जायेगा।

अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करें

गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों , पुलिस महानिदेशकों और पुलिस आयुक्तों से देश भर में लागू पूर्णबंदी के मद्देनजर अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा अफवाहों पर अंकुश लगाने को कहा है। मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना के कारण देश में 21 दिन की पूर्णबंदी लागू है इसलिए लोगों को अपने घरों में ही रहने को कहा गया है। इसे देखते हुए सभी जगहों पर खाद्य पदार्थों, चिकित्सा जरूरतों के साथ अन्य जरूरी सेवा उपलब्ध कराना राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है।