डीएम ने किया कोविड अस्पताल का निरीक्षण, मिली तमाम खामियां

  • मरीज बोले, भिखारी जैसा महसूस कराते हैं कर्मचारी
  • जिलाधिकारी बुलन्दशहर के सामने अव्यवस्था की पोल खोली मरीजों ने

नया लुक ब्यूरो

बुलंदशहर। सरकार के तमाम दावों के बाद भी उत्तर प्रदेश के कई कोविड अस्पतालों से बदइंतजामी और अव्यवस्था की खबरें लगातार आ रही हैं। कहीं-कहीं मरीजों को यहां खाने-पीने तक के लिए प्रशासन का मोहताज होना पड़ रहा है। जब अधिकारी और कर्मचारी चाहते हैं मरीजों को खाना मिल जाता हैऔर जब नहीं चाहते तो मरीज भूखे रहते हैं। इसकी बानगी एक बार फिर उस वक्त देखने को मिली, जब बुलंदशहर के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एक अस्पताल की व्यवस्था परखने पहुंचे । इस कोविड अस्पतालों में मरीजों को खाने-पीने तक के लिए ढंग की सुविधाएं नहीं मिल रहीं थी।

दरअसल, डीएम रविंद्र कुमार खुर्जा के एसएसएमजे अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यह एल-1 अस्पताल है, जहां पर कोविड के बिना लक्षण वाले मरीजों को रखा जा रहा है। इसी दौरान मरीजों ने जिलाधिकारी के सामने अपना दुखड़ा हुए खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए तो कुछ ने यह भी कहा कि उन्हें भिखारी जैसा महसूस कराया जा रहा है। मरीजों ने बताया कि उन्हें नाश्ता वगैरह भी पॉलीथिन में दिया जाता है और खाने की क्वालिटी बहुत खराब होती है।

कुछ दूरी पर खड़े होकर शिकायतें सुन रहे डीएम को एक मरीज ने बताया कि मैंने किसी से दूध मांगा तो यहां कोने में कोई बैठा था। उसने कहा कि क्या शोर मचा रखा है? तो मैंने कहा कि शोर नहीं मचा रखा है, अपने बच्चे के लिए दूध मांग रहे हैं, भीख नहीं। हम अच्छे परिवार से हैं। यहां पर अभी 500 लीटर दूध मंगा सकते हैं, चाहे तो लेकिन अभी मजबूर हैं। हम एक दो दिन में यहां से जा रहे हैं लेकिन हमारी आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि यहां खाने की व्यवस्था में सुधार लाएं। डीएम अपने साथ

मीडिया को लेकर पहुंचे थे, जहां उनके बीच का संवाद रिकॉर्ड किया गया है-

डीएम (अधिकारियों से)- खाना कहां से आता है?
अधिकारी- ((अस्पष्ट))
डीएम (मरीज से)- आप लोगों को खाने में क्या मिलता है?
मरीज- सुबह में हमें पॉलीथिन में करके दलिया दिया जाता है। एक दिन हलवे में चना डालकर दिया गया था।
डीएम (अधिकारियों से)- पॉलीथिन में खाना क्यों देते हैं? पैक्ड खाना क्यों नहीं देते?
अधिकारी- ((अस्पष्ट))
मरीज- सर दाल भी बिल्कुल पानी जैसा होता है। खाने की क्वालिटी बहुत खराब है, मैं कितनी शिकायत करूं?
डीएम- यहां पर कल सीएमएस निरीक्षण के लिए आए थे? क्या उन्होंने आपसे कोई फीडबैक लिया?
मरीज- नहीं।
डीएम (अधिकारियों से)- प्लीज़ सीएमएस को अगले 30 मिनट में मेरे ऑफिस में बुलाइए।
डीएम (मरीज से)- खाने में सुधार आएगा. बीच में मिडिलमैन है, इसलिए यहां ऐसी दिक्कत आ रही है।
मरीज- जी सर, हम यहां से कुछ दिनों में चले जाएंगे लेकिन हम चाहते हैं कि यहां पर हालात सुधरें।