CM योगी ने कहा -उद्योग से जुड़ेंगे एक्सप्रेस वे

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

नयालुक। एक्सप्रेस वे के निर्माण में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार रिकार्ड कायम करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मात्र एक्सप्रेस वे निर्माण के पक्षधर नहीं रहे है, बल्कि वह इन एक्सप्रेस वे को उद्योग से जोड़कर चल रहे है। इससे इनके निकट रहने वाले गांव,कस्बा नगर सभी को परोक्ष अपरोक्ष लाभ होगा। योगी की योजना में एक्सप्रेस वे केवल प्रमुख महानगरों को जोड़ने की कवायद नहीं है।

यह प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी बढाने में सहायक होंगे। इसके दृष्टिगत निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे के समानांतर लैंड बैंक भी स्थापित हो रहे है। डिफेंस एक्सपो व इन्वेस्टर्स समिट में निवेश के समय से ही यह योजना आगे बढ़ रही है। इसके अलावा प्रत्येक पचास किलोमीटर पर यात्री सुविधा के लिए ढांचागत निर्माण किया जाएगा। एक बार फिर योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेस वे के आसपास के क्षेत्रों को औद्योगिक विकास एवं व्यावसायिक उपयोग के रूप में पहले से ही चिन्हित करने के निर्देश दिए है।

इसके साथ ही दुर्घटनाओं को न्यूनतम रखने के लिए प्रारम्भ से ही उपाय किए जाएंगे। इस संबन्ध में यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए कैबिनेट की सैद्धान्तिक सहमति प्राप्त हो चुकी है। इसका डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है। यह एक्सप्रेस वे दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे से प्रारम्भ होकर जनपद प्रयागराज में एनएच नाइटीन के बाईपास पर सोरांव तक जाएगा। इसकी कुल अनुमानित लम्बाई छह सौ किमी से अधिक होगी।

उन्होंने कहा कि प्रारम्भ में छह लेन का एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा, जिसका आठ लेन में विस्तार किया जा सकेगा। एक्सप्रेस वे के सभी स्ट्रक्चर आठ लेन के बनाए जाएंगे। एक्सप्रेस वे के निर्माण पर लगभग सैंतीस हजार करोड़ रुपए का व्यय का अनुमान है। भूमि अधिग्रहण की अनुमानित लागत साढ़े नौ हजार करोड़ रुपए है। एक्सप्रेस वे का निर्माण बारह पैकेज में किया जाएगा।

एक्सप्रेस वे के निर्माण से दिल्ली प्रयागराज की सड़क मार्ग से यात्रा लगभग छह घण्टे में की जा सकेगी। इस मार्ग पर मेरठ, गाजियाबाद बुलन्दशहर,हापुड़ अमरोहा,संभल, बदायूं,शाहजहांपुर, हरदोई,उन्नाव,रायबरेली, प्रतापगढ़ एवं प्रयागराज जनपद पड़ेंगे।

संरेखण पर गंगा एक्सप्रेस वे,दो एक्सप्रेस वेज़,आठ राष्ट्रीय राजमार्ग,पन्द्रह राज्य मार्ग,आठ मुख्य जिला मार्ग,अट्ठाइस अन्य जिला मार्ग एवं करीब पौने तीन सौ ग्रामीण मार्ग को क्राॅस करेगा। एक्सप्रेसवे के निर्माण में कुल आठ रेलवे ओवर ब्रिज,पन्द्रह,दीर्घ सेतु,मुख्य मार्गों की क्राॅसिंग पर फ्लाईओवर अंडरपास तथा अनेक लघु सेतु एवं पुलियों का निर्माण किया जायेगा।सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत एक्सप्रेस वे पर पन्द्रह मी चैड़ाई का डिप्रेस्ड मीडियन भी प्रस्तावित है। यात्रियों की सुविधा एवं सड़क सुरक्षा के लिए एक्सप्रेस वे पर प्रति पचास किमी पर वे साइड एमेनिटीज टॉयलेट ब्लाॅक का प्राविधान किया गया है।