चूक तो हुई: समय रहते संवाद होता तो संभल जाती स्थिति

Democracy आज आवश्यकता किसी की जीत या हार घोषित करने की नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा प्रणाली बनाने की है जिसमें प्रतिभा जीते, ईमानदारी जीते और भारत का युवा यह महसूस करे कि उसकी मेहनत सुरक्षित है। जब शासन सुनता है, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। जब शासन केवल सुनाने लगता है, तब सड़कें बोलने लगती … Continue reading चूक तो हुई: समय रहते संवाद होता तो संभल जाती स्थिति