व्रत-उपवास: धार्मिक आस्था से लेकर वैज्ञानिक प्रमाण तक, सेहत और आत्मबल का आधार

राजेन्द्र गुप्ता भारतीय संस्कृति में व्रत और उपवास का विशेष महत्व रहा है। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा को संतुलित रखने का प्रभावी माध्यम भी है। व्रत को सदियों से अनुशासन, भक्ति और आत्म-नियंत्रण का प्रतीक माना गया है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों से लेकर सामान्य गृहस्थ तक, सभी … Continue reading व्रत-उपवास: धार्मिक आस्था से लेकर वैज्ञानिक प्रमाण तक, सेहत और आत्मबल का आधार